दीपावली की वह रहस्यमयी रात भाग-03
ज़मीन में धंसे लकड़ी के कुंदे पर दीपक जल रहा था। कौन जला गया था ?–मैं जान न सका। आया था तब दीपक नहीं था कुंदे पर। दीपक की रौशनी अनुमान से अधिक थी जिसकी चमक में साधु को अच्छी तरह से देखा मैंने– छः फ़ीट लम्बा, पुष्ट, शक्तिशाली शरीर, गहरा सांवला रंग, बाल … Read more