डायबिटीज क्या है और यह क्यों होता है? | Diabetes Overview

एक परिवार में अगर 5 लोग रहते हैं तो उनमें से कम से कम एक को तो डायबिटीज की दिक्कत होती है|  आज हमारे बदलते  रहन सहन और फास्ट फूड से भरे खान-पान के चलते  कई नई  बीमारियों ने हमारे शरीर में अपनी जगह बना ली है| साथ ही में कई ऐसी बीमारियां जो पहले लोगों में आम नहीं होती थी  अब उनका भी संक्रमण बढ़ गया है|  इसी तरह की एक बीमारी है डायबिटीज|आज हम अपने इस ब्लॉग के जरिए यह जानने की कोशिश करेंगे कि डायबिटीज क्या है और यह क्यों होता है| जाने-माने अखबार दा हिंदू (The Hindu)  में छपे एक आर्टिकल के अनुसार भारत में तकरीबन 77 मिलियन लोग डायबिटीज के मरीज हैं और यह संख्या भारत को डायबिटीज के मरीजों की संख्या में विश्व में दूसरे स्थान पर खड़ा करती है| डायबिटीज के सबसे ज्यादा मरीज चाइना में पाए गए हैं| इसी आर्टिकल के अनुसार विश्व में डायबिटीज के 6 में से एक मरीज भारतीय होता है|

Diabetes Overview

विश्व में हर साल 14 नवंबर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है जिससे लोगों को डायबिटीज के बारे में जागरूक किया जा सके|  इसके बावजूद आज दुनिया में डायबिटीज के इतनी ज्यादा मरीज क्यों है? उसका बहुत बड़ा कारण हमारा लाइफस्टाइल और unhealthy diet यानी अस्वास्थ्यकारी आहार है| वैसे तो आपने डायबिटीज के बारे में कई जगहों पर पढ़ा होगा और कई वीडियोस भी देखे होंगे| लेकिन कठिन भाषा और बड़े-बड़े मेडिकल टर्म्स के कारण उनको समझने में अक्सर ही आम लोगों को परेशानी आती है| आज हम अपने ब्लॉग के माध्यम से डायबिटीज को सरल भाषा में समझने की कोशिश करेंगे| 

डायबिटीज क्या है और यह क्यों होता है?

डायबिटीज जिसे हम आम बोलचाल की भाषा में शुगर भी कहते हैं, एक ब्लड ग्लूकोस या ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या है| ब्लड ग्लूकोस या ब्लड शुगर हमारे शरीर मैं एनर्जी (energy) यानी ऊर्जा का प्रमुख स्रोत (main source)  होता है जोकि हमें खाने के डाइजेशन के बाद मिलता है| यह बात तो सभी जानते हैं कि हमें खाना खाने से उर्जा मिलती है लेकिन खाना उर्जा में कैसे बदलता है इसके पीछे एक लंबी प्रोसेस है| इसके बारे में कभी और बात करेंगे फिलहाल हम यह जान लेते हैं कि हम जो खाना खाते हैं वह हमारी पाचन प्रणाली यानी डाइजेस्टिव सिस्टम के द्वारा ग्लूकोस में तब्दील हो जाता है और यह ग्लूकोस हमारे रक्त में घुल कर इसे हमारे शरीर  के सभी सेल्स में पहुंचाने का काम करता है| और इससे हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है| डायबिटीज में यह ग्लूकोस हमारे सेल (कोशिकाएँ) तक नहीं पहुंच पाता| जिसके कारण हमारे रक्त में ब्लड ग्लूकोस की मात्रा बढ़ जाती है| और आगे चलकर यह हमारे शरीर के अन्य प्रमुख अंग जैसे किडनी और  ह्रदय को नुकसान पहुंचाते हैं| 

डायबिटीज क्या है और यह क्यों होता है? | Diabetes : Overview

अब सोचने वाली बात यह है की ब्लड से सेल में ग्लूकोस आखिर जाता कैसे है? जब भी हम डायबिटीज की बात करते हैं तो एक हार्मोन जिसको  डायबिटीज की दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है उसका नाम जरूर आता है| उस हार्मोन का नाम है इंसुलिन|  आखिर इंसुलिन इतना महत्वपूर्ण क्यों है?  डायबिटीज क्या है और यह क्यों होता है यह जानने के लिए इंसुलिन के बारे में जानना बहुत जरूरी है| असल में इंसुलिन ही वो चाभी है  जिसके जरिए ब्लड ग्लूकोस सेल में प्रवेश करता है|  यह इंसुलिन पैंक्रियास नामक  एक ग्रंथि  मैं बनता है| अगर किसी को डायबिटीज है तो आमतौर पर या तो उसके शरीर में इंसुलिन बन ही नहीं रहा या फिर अगर बन भी रहा है तो किसी कारणवश कोशिकाएँ ब्लड ग्लूकोस को  अवशोषित (absorb)  नहीं कर पा रही हैं| 

डायबिटीज के प्रमुख प्रकार

सामान्य रूप में डायबिटीज के दो प्रमुख प्रकार हैं:  टाइप 1  और टाइप 2

 टाइप 1 डायबिटीज | Type 1 Diabetes

डायबिटीज के सभी मरीजों में टाइप वन डायबिटीज मरीजों की संख्या लगभग 10% है|  टाइप 1 डायबिटीज एक प्रकार का प्रति रक्षित रोग (autoimmune disease)  है| इसका मतलब यह है की टाइप वन डायबिटीज में हमारे शरीर की इम्यूनिटी सेल्स हमारे ही शरीर में बन रहे इंसुलिन पर हमला करने लगती हैं  और पैंक्रियास की वह सेल जो इंसुलिन बनाती हैं उन्हें नष्ट करने लगती हैं| इसी कारण से हमारे शरीर में इंसुलिन की कमी हो जाती है| टाइप वन डायबिटीज आमतौर पर छोटे बच्चों और युवा वयस्कों में होता है| इसी कारण  इसे  जूविनाइल डायबिटीज भी कहते हैं| लेकिन किसी भी उम्र के लोग इसका शिकार बन सकते हैं|  टाइप वन डायबिटीज में इंसुलिन लेना अनिवार्य हो जाता है| जिस कारण से यह इन्सुलिन डिपेंडेंट डायबिटीज भी कहलाता है|

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टाइप 2 डायबिटीज | Type 2 Diabetes

 विश्व में टाइप टू डायबिटीज  के मरीजों की संख्या  टाइप वन डायबिटीज के मरीजों की संख्या से काफी ज्यादा है| डायबिटीज के सभी मरीजों में लगभग 95% मरीज टाइप टू डायबिटीज के होते हैं| इसमें या तो  हमारा पैंक्रियास कम मात्रा में  इंसुलिन बनाता है या फिर हमारी सेल्स  इंसुलिन पर सामान्य रूप से प्रतिक्रिया नहीं करती हैं| टाइप टू डायबिटीज आमतौर पर अधेड़ उम्र के लोगों और बुजुर्गों में होता है लेकिन आजकल नौजवान लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं| नियमित रूप से योगा और व्यायाम, खानपान में सुधार और कुछ दवाइयों की मदद से टाइप टू डायबिटीज  का नियंत्रण किया जा सकता है|

इसके अलावा प्रीडायबिटीज,  जेस्टेशनल डायबिटीज,  ड्रग इंड्यूस्ड डायबिटीज और  सिस्टिक फाइब्रोसिस रिलेटेड डायबिटीज भी डायबिटीज के कुछ अन्य प्रकार हैं|

डायबिटीज के कारण | Diabetes kyun hota hai?

डायबिटीज क्या है, यह क्यों होता है और इसके कितने प्रकार हैं यह तो हमने जान लिया| आइए अब देखते हैं कि डायबिटीज के प्रमुख कारण क्या क्या है?

  • अगर आपके परिवार में पहले भी किसी को डायबिटीज की समस्या रही है, तो आपको भी डायबिटीज होने के आसार बढ़ जाते हैं
  •  मोटापा कई सारी बीमारियों का कारण है  और डायबिटीज का भी| हमारे शरीर में जितने ज्यादा fat tissues होंगे हमारे cells को इंसुलिन  की प्रतिक्रिया में उतनी ही दिक्कत आएगी| हालांकि मोटापे को टाइप वन डायबिटीज का कारण नहीं माना जाता है|
  •  टाइप वन डायबिटीज का एक प्रमुख कारण है शरीर में ऑटो एंटीबॉडीज यानी स्वप्रतिपिण्ड की मौजूदगी|  यह ऑटो एंटीबॉडीज इंसुलिन को बनाने वाली सेल्फ पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देती हैं जिसके कारण इंसुलिन नहीं बन पाता है|
  • कुछ विशेष देशों और कुछ विशेष  नस्ल के लोगों जैसे कि एशियन-अमेरिकन,  अफ्रीकन-अमेरिकन, नेटिव अमेरिकन या प्रशांत द्वीप (pacific islanders) में  डायबिटीज होने के आसार ज्यादा होते हैं| हालांकि इसके पीछे का कारण क्या है  इसका पता वैज्ञानिक अभी पूर्ण रुप से नहीं लगा पाए हैं|
  • बढ़ती उम्र के साथ लोगों में डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है|
  • इसके अलावा पैंक्रियास से जुड़ी कोई बीमारी,  हाई ब्लड प्रेशर, गुड कोलेस्ट्रॉल की कम संख्या और शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहना भी डायबिटीज का कारण  बन सकता है|

डायबिटीज क्या है और यह क्यों होता है? | Diabetes : Overview

डायबिटीज के लक्षण | Diabetes ke symptoms

अगर आपको:

  • बहुत प्यास लग रही है
  •  बार-बार पेशाब जाना पड़ रहा है
  • अचानक से आपका वजन कम हो रहा है
  •  बहुत भूख लग रही है
  • कहीं चोट लगने पर घाव भरने में सामान्य रूप से ज्यादा समय लग रहा है
  •  आंखों से जुड़ी दिक्कत, जैसे धुंधला दिखाई देना, हो रही है
  • काफी थकान और चिड़चिड़ापन महसूस हो रहा है
  • त्वचा, मसूड़े या योनि में बार-बार संक्रमण हो रहा है

 तो आपको डायबिटीज या मधुमेह हो सकता है|  अगर आपको ऐसा कोई भी लक्षण है तो आप बेशक किसी डॉक्टर से संपर्क करें|

Diabetes Overview

डायबिटीज से जुड़ी अन्य बीमारियां

 डायबिटीज या मधुमेह अपने आप में एक परेशान करने वाली बीमारी है लेकिन यह और भी बीमारियों का कारण बनती है जैसे कि ह्रदय वाहिनी रोग (cardiovascular disease), किडनी या गुर्दे से जुड़ी बीमारियां,  आंख से जुड़ी बीमारियां, नसों की क्षति, डिप्रेशन और  अल्जाइमर डिजीज (Alzheimer’s disease)

डायबिटीज को नियंत्रित करने के घरेलू उपाय – Home Remedies to Control Diabetes

तो देखा आपने डायबिटीज कितनी खतरनाक बीमारियों को जन्म दे सकती है|  वैसे तो  बाजार में ऐसी अनेकों दवाइयां हैं जो डायबिटीज का नियंत्रण कर सकती हैं लेकिन डायबिटीज को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता मतलब डायबिटीज को जड़ से हटाना फिलहाल  संभव नहीं है|  दवाइयों के अलावा नियमित व्यायाम और अच्छे खान-पान की मदद से भी हम डायबिटीज पर नियंत्रण कर सकते हैं| इस विषय में हम अपने अगले ब्लॉग में बात करेंगे|