Friday, September 18, 2020
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ऑनलाइन मार्केटिंग क्या है और कैसे करें (What is Online Marketing and how to do)

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ऑनलाइन मार्केटिंग क्या है (Online Marketing Kya hai)

आजकल सबकुछ ऑनलाइन (Online) हो गया है- बिजली का बिल, पानी का बिल, बैंकिंग, मोबाइल रीचार्ज और सैकड़ों अन्य चीजें..
आजकल की दुनिया में जब ज्यादातर चीजें तेजी से Online हो रही हैं तो इस रेस में Corporate World कैसे पीछे रह सकता है। इसलिए आजकल की ऑनलाइन दुनिया में Marketing भी ऑनलाइन हो गई है, जिसे हम ऑनलाइन मार्केटिंग (Online Marketing) के नाम से जानते हैं। चाहे आप एक businessperson हों या फिर एक Learner, ऑनलाइन मार्केटिंग हर condition में आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। एक कारोबारी के तौर पर आप Marketing/">Online Marketing का इस्तेमाल अपने बिजनेस को promote करने के लिए कर सकते हैं वहीं एक लर्नर के रूप में Online Marketing सीखकर आप इससे अच्छी-खासी कमाई कर सकते हो।

1). ऑनलाइन मार्केटिंग का मतलब/अर्थ (Online Marketing Ka Matlab):

ऑनलाइन मतलब होता है- इंटरनेट (Internet) के माध्यम से और मार्केटिंग का मतलब होता है- प्रचार करना।
इस तरह से Marketing/">Online Marketing का कुल-मिलाकर मतलब निकलता है-
 इंटरनेट (Internet) का इस्तेमाल करके किसी चीज की मार्केटिंग करना
Internet-marketing/">Internet Marketingें तो ऑनलाइन मार्केटिंग (जिसे Internet Marketing या e-marketing भी कहा जाता है) मार्केटिंग करने का एक ऐसा तरीका है जिसमें कि लोगों तक पहुँचने के लिए Internet का प्रयोग किया जाता है।

ऑनलाइन मार्केटिंग क्या है
ऑनलाइन मार्केटिंग क्या है

मिसाल के तौर पर जब हम Youtube चलाते हैं तो हमें Ads दिखाई देते हैं। जब हम facebook और instagram चलाते हैं तब भी हमें ads दिखाई देते हैं। इसके अलावा हम सभी को तरह-तरह के promotional emails भी आते रहते हैं। ये सभी Online Marketing के ही कुछ जाने-पहचाने उदाहरण (Examples) हैं।
उम्मीद है कि अब तक आप ऑनलाइन मार्केटिंग का मतलब जान गए होंगे। तो चलिए अब जानते हैं कि online marketing आजकल किसी बिजनस की growth के लिए क्यों जरूरी है।

2). बिजनेस को बढ़ाने के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग क्यों जरूरी है? महत्व (Why e-Marketing is so important):

उस प्लेटफॉर्म पर मार्केटिंग करना सबसे effective रहता है जहाँ पर हमारी targeted audience घूमती है।
आजकल ज्यादातर लोग (चाहे वे किसी भी industry से संबंधित(Related हों) इंटरनेट (Internet) पर बहुत ज्यादा active रहते हैं, इसलिए यह जरूरी है कि हम इंटरनेट (Internet) पर मार्केटिंग करने पर खासा ध्यान दें।
इंटरनेट (Internet) के जरिए किसी चीज का प्रचार करने की रणनीति को हम Online Marketing, Internet Marketing या फिर e-Marketing बोलते हैं। इंटरनेट (Internet) के द्वारा हम आसानी से और कम पैसों में अपने products और services की मार्केटिंग बहुत ही narrowly targeted audience तक कर सकते हैं और बिजनेस में काफी अच्छा ROI (Return On Investment) generate कर सकते हैं।

3). इंटरनेट मार्केटिंग के फायदे (Benefits of e-marketing):

इंटरनेट मार्केटिंग (Internet Marketing) के बहुत सारे ऐसे functions हैं जो इसे traditional marketing की तुलना में बहुत ज्यादा फायदेमंद बनाते हैं। पेश हैं ऑनलाइन मार्केटिंग के ऐसे ही कुछ फायदे-
  • इंटरनेट मार्केटिंग (Internet Marketing) के जरिए हम आसानी से एक narrowly targeted audience तक पहुँच सकते हैं यानि सिर्फ उन्ही लोगों तक अपनी marketing कर सकते हैं जो हमारे products या services में interested हैं।
  • ऑफ़लाइन मार्केटिंग जिसे traditional marketing भी कहते हैं, बहुत ज्यादा खर्चीली मार्केटिंग होती है। इसमें जब तक काफी अच्छा पैसा नहीं लगाया जाता है तब तक नतीजे मिलने के chances लगभग ना के बराबर होते हैं। वहीं दूसरी तरह online marketing के साथ ऐसा नहीं है। इसे आप 50 रुपए से भी शुरू कर सकते हैं और इसमें नतीजे भी अक्सर traditional marketing की तुलना में बेहतर निकलते हैं।
  • ऑनलाइन मार्केटिंग की tracking और analysis भी बहुत ज्यादा आसान होता है। पारंपरिक मार्केटिंग में यह पता लगाना काफी मुश्किल होता है कि हमारे marketing campaign ने किस तरह से काम किया। जबकि e-marketing में हमारे पास ऐसे tools मौजूद होते हैं जिनकी मदद से हम आसानी से यह पता लगा सकते हैं कि हमारा marketing campaign कितना सफल रहा।
  • मार्केटिंग के पुराने तरीकों से marketing करने पर लोगों कुछ दिनों तक ही हमारे brand के बारे में देख-सुन पाते हैं जबकि अनलाइन मार्केटिंग के साथ ऐसा नहीं है। ऑनलाइन मार्केटिंग से हमारी Online Following में इजाफा होता है जिससे हम उन्हें Marketing Campaign खत्म हो जाने के बाद भी reach out कर सकते हैं।

4). इंटरनेट मार्केटिंग से जुड़े कुछ प्रमुख शब्द (e-Marketing Glossary):

अगर आप Online Marketing में आगे कुछ करने का सोच रहे हैं तो ये कुछ ऐसे online marketing terms हैं जिनसे आपको जरूर वाकिफ होना चाहिए-

1. ROI (Return On Investment)- आरओआई यानि जितना % पैसा आपने marketing करने में लगाया उससे आपको कितना % फायदा हुआ। उदाहरण (Examples) के तौर पर अगर आपने अपने बिजनेस का प्रचार करने में 1000 रुपए खर्च किये और इसके द्वारा आने वाले customers से आपको 2000 रुपए का फायदा हुआ तो इसका मतलब है कि आपका ROI 100% है।

2. PPC (Pay Per Click)- यह ऑनलाइन मार्केटिंग के Advertisting Model से जुड़ा एक शब्द है। आप एक ad पर click होने के बदले गूगल को कितना पैसा देना चाहते हैं उसे पीपीसी कहते हैं। और गूगल एक क्लिक के बदले ब्लॉगर को आपकी PPC में से जितना पैसा देता है उसे CPC यानि Cost Per Click बोलते हैं।

3. SEO (Search Engine Optimization)- अक्सर गूगल में जितने पहले कोई वेबसाइट (Website) दिखती है उतने ही ज्यादा लोग उस पर आते हैं। गूगल में अपनी website को बिना किसी ad के पहले show करवाने के लिए जिन techniques का इस्तेमाल किया जाता है उन्हें SEO कहते हैं।

4. CTR (Click Through Rate)- जब आप अपने बिजनेस का ad लगाते हैं तो बहुत सारे लोग सिर्फ आपका ad देखते हैं जबकि कुछ लोग उसपे क्लिक करते हैं। लोगों का वह % जो आपके ad पर क्लिक करता है CTR कहलाता है।

मान लीजिए कि आपका विज्ञापन 100 लोग देखते हैं। अब अगर इन सौ लोगों में से 1 आदमी आपके ad पर क्लिक करता है तो इस condition में आपका सी.टी.आर 1% माना जाएगा।

5. Ad Impressions- जितने लोग आपका advertisment देखते हैं उसे Impression बोलते हैं।

6. Keyword- आप जिस तरह का बिजनेस करते हैं यानि आपके बिजनेस (Business) का जो टॉपिक है आम भाषा में उसे ही कीवर्ड कहा जाता है।

7. SEM (Search Engine Marketing)- जिस तरह SEO हमारी वेबसाइट (Website) को गूगल के टॉप में rank कराने में हमारी मदद करता है उसी तरह SEM से भी हम अपनी वेबसाइट (Website) को गूगल में लोगों को सबसे पहले दिखा सकते हैं। इन दोनों में फरक बस इतना है कि SEO करने में वक्त लगता है लेकिन पैसा नहीं और SEM करने में पैसा लगता है वक्त नहीं!

8. Backlink- जब कोई दूसरी वेबसाइट (Website) हमारी वेबसाइट (Website) का link देती है तो उसे बैकलिंक बोलते हैं। बैकलिंक्स गूगल में अपनी वेबसाइट (Website) को organically rank कराने के लिए बेहद जरूरी हैं।

9. CPM (Cost Per Thousand Impressions)- जब हमारा ad लोगों द्वारा हजार बार देखा जाता है तो जितना पैसा हमें publisher को देना होता है उसे CPM कहते हैं। RPM (Revenue Per 1000 Impressions) ही इसी चीज से जुड़ी एक term है।

5). ऑनलाइन मार्केटिंग के प्रकार (Types of Internet Marketing):

ऑनलाइन मार्केटिंग के अंतर्गत कई तरह की internet marketing techniques आती हैं जिनमें से कुछ इस तरह हैं-
1. कंटेन्ट मार्केटिंग (Content Marketing)-
इंटरनेट (Internet) पर लोगों को मुफ़्त में कंटेन्ट provide कराकर की जाने वाली मार्केटिंग को “Online Content Marketing” कहा जाता है। कंटेन्ट मार्केटिंग में हमें ज्यादा पैसा नहीं खर्च करना पड़ता है और यह हमें लंबे समय तक अच्छे results देती रहती है। मार्केटिंग का यह टाइप brand awareness के लिए बहुत जरूरी है। इससे लोग आपके venture के बारे में जान पाते हैं।
कंटेन्ट मार्केटिंग के कुछ उदाहरण (Examples) है- Blogging, Vlogging
2. विडियो मार्केटिंग (Video Marketing)-
वीडियोज़ किसे पसंद नहीं होती। आज इंटरनेट (Internet) videos से भरा पड़ा है। हर platform वीडियोज़ को prefer कर रहा है। इस situation में video marketing अपने बिजनेस को market करने का एक शानदार तरीका साबित हो सकती है।
नॉलेज से भरी वीडियोज़ को विडिओ प्लेटफॉर्म (जैसे- Youtube) के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के साथ ही साथ अपनी products और services की मार्केटिंग करने की टेक्नीक को video marketing कहते हैं।
Technically, विडिओ मार्केटिंग कंटेन्ट मार्केटिंग का ही एक टाइप है।
3. सोशल मीडिया मार्केटिंग (Social Media Marketing)-
सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रोडक्ट और सर्विसेज़ का प्रचार करने को ही Social Media Marketing (SMM) कहते हैं।
4. अफिलीएट मार्केटिंग (Affiliate Marketing)-
लोगों के जरिए किसी प्रोडक्ट या सर्विसेज़ को बिकवाने के लिए कई कंपनियां लोगों को कुछ % commission देती है। मारकेटिंग के इस तरीके को affiliate marekting बोलते हैं।
जैसे आपने कई बार देखा होगा कि कई Youtuber अक्सर अपने descripition में amazon या flipcart के products के लिंक देते हैं।
इस तरह अगर कोई viewer उस लिंक पर क्लिक करके उस product को खरीद लेता है तो इससे youtuber को उस प्रोडक्ट के price का कुछ percent हिस्सा कमीशन के रूप में मिल जाता है। यही affiliate markting है।

5. पे पर क्लिक मार्केटिंग (Pay Per Click Marketing)-

जब हम अपने ad पर क्लिक होने के बदले पब्लिशर को भुगतान करते हैं तो इसे Pay Per Click या PPC Marketing कहते हैं। गूगल Ads और Media.net इसी मार्केटिंग मोडल पर आधारित services हैं।

6. ईमेल मार्केटिंग (Email Marketing)-

लोगों के email collect करके उन्हें मेल भेजकर मार्केटिंग करने के तरीके को email मार्केटिंग कहते हैं।

आपने अक्सर देखा होगा कि जब आप किसी वेबसाइट (Website) पर जाते हैं तो वहाँ पर आपको email से सबस्क्राइब करने को कहा जाता है। अगर आप वहाँ पर अपना email डाल देते हैं तो फिर आपको उनकी नई पोस्टों के साथ ही promotional mails भी आने लगते हैं। यही ईमेल मार्केटिंग है।

7. पॉडकास्ट मार्केटिंग (Podcast Marketing)-

पोड़कासटों के जरिए मार्केटिंग करने की technique को पॉडकास्ट मार्केटिंग (Podcast marketing) कहा जाता है। पिछले कुछ सालों में podcast marketing में जबरदस्त उछाल आया है। अब तो गूगल videos के जैसे ही podcasts को भी अपने सर्च में वरीयता देने लग गया है।

6). बिजनेस की ऑनलाइन मार्केटिंग कैसे करें? (Business Ki Online Marketing Kaise Kare):

अगर आप अपने बिजनेस को online market करना चाहते हैं तो इन steps को फॉलो कीजिए-
  • बिजनेस को ऑनलाइन promote करने के लिए यह जरूरी है कि पहले आपको पता हो कि आप marketing क्यों करना चाहते हैं। मार्केटिंग करने का आपका उद्देश्य क्या है। क्या आप किसी चीज को बेचने के लिए marketing कर रहे हैं। क्या आप email करने के लिए  marketing कर रहे हैं या फिर आपके मार्केटिंग करने का उद्देश्य brand awareness फैलना है। आपका लक्ष्य चाहे जो भी हो उसके प्रति बिल्कुल स्पष्ट रहें।
  • एक बार जब आप अपने लक्ष्य को पूरी तरह निर्धारित कर लें तो फिर बारी आती है- टारगेट ऑडियंस चुनने की। इसमें आपको यह पता लगाना है जिस चीज की आप मार्केटिंग करने वाले हैं उसे किस तरह के लोग पसंद करते हैं। क्या वह लड़कियों से related चीज है या फिर लड़के उसे ज्यादा पसंद करते हैं। किस उम्र और किस location के लोग उसे खरीदना ज्यादा पसंद करेंगे। ये सारी चीजें आपको decide करनी हैं।
  • इसके बाद आपको मार्केटिंग करने के लिए सही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की तलाश करनी है। बेहतर होगा कि आप ऐसा platform चुनें जिसे आपकी targeted audience सबसे ज्यादा use करती है। जैसे fashion & cosmetics से जुड़े businesses के लिए Intagram एक शानदार platform है।
  • इसके बाद आपको अपने online marketing campaign से जुड़ी चीजों को decide करना है। मसलन, आपके पास कितना budget है। आप अपना campaign कितने समय के लिए चलना चाहते हैं। आप कितनी PPC bid लगाना चाहते हैं।
  • इसके बाद आपको अपनी वेबसाइट (Website) और social profile अच्छे तरीके से optimize कर देनी है। ताकि जब ad click करने के बाद लोग आपकी वेबसाइट (Website) पर आए तो वे आपकी वेबसाइट (Website) से impress हुए बिना न रह सके।
  • इसके बाद आपको अपना online marketing campaign शुरू कर देना है।
  • आखिरी step आता है विश्लेषण का। एक बार जब आप अपने ads लगा लेते हैं तो फिर उनकी performance को track और analyse करना होता है। इससे हमें पता चलता है कि क्या हमारा campaign सही से काम कर रहा है या उसमें कोई problem है। अगर कोई problem है तो क्या है और उसे कैसे ठीक करना है। ये सारी चीजें tracking & analaysis से पता चलती हैं।

7). भारत की टॉप ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियां (Top Online Marketing Companies in India):

ये कुछ जानी-मानी कंपनियां हैं जो India में businesses की ऑनलाइन मार्केटिंग करने का काम करती हैं-
  • वेबचटनी (WebChutney)
  • सीआईएस (CIS)
  • आईप्रिज़्म (iPrism)

8). बेस्ट ऑनलाइन मार्केटिंग टूल्स (Best Online Marketing Tools):

ये कुछ पॉपुलर internet marketing tools हैं जो आपके बिजनेस को ऑनलाइन प्रमोट करने में आपकी help कर सकते हैं-
  • गूगल ऐडवर्ड (Google Ads)
  • मेलचिम्प (MailChimp)
  • बज़सूमों (BuzzSumo)
  • बफर (Buffer)

9). ऑनलाइन मार्केटिंग कोर्स क्या है? (Online Marketing Course Kya hai):

ऑनलाइन मार्केटिंग कोर्स (या डिजिटल (Digital) मार्केटिंग कोर्स) 3 महीने, 6 महीने या साल भर का एक ऐसा कोर्स होता है जिसमें आपको सिखाया जाता है कि किसी बिजनेस को ऑनलाइन कैसे प्रमोट करना है।
इस कोर्स में आपको SEO, SEM, SMM और Content Marketing जैसी चीजों के बारे में सिखाया जाता है।

ऑनलाइन मार्केटिंग कोर्स कैसे करें (Online Marketing Course Kaise Kare)?

इस कॉर्स को आप अपने इलाके के किसी digital marketing institute से कर सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें तो Udemy और Unacademy जैसे online platforms से भी इस कोर्स को कर सकते हैं। कोर्स के complete हो जाने के बाद आपको एक certificate दिया जाता है जिसके base पर आप किसी कंपनी या firm में काम (Jobs) कर सकते हैं। इसके साथ ही साथ आप लोगों के businesses की ऑनलाइन मार्केटिंग करके भी अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं।
फीस?
अगर आप दिल्ली जैसे नगर (City) में डिजिटल (Digital) मार्केटिंग का एक साल का कोर्स किसी top class institute से करते हैं तो आपको करीबन 50 से 60 हजार रुपए की fees चुकानी होगी।
वहीं अगर आप Medium class institutes से यह कोर्स करते हैं आपको एक साल में तकरीबन 40 हजार रुपए खर्च करने पड़ेंगे। वहीं कम पॉपुलर institutes में अक्सर यह फीस 20 से 30 हजार के बीच होती है।

ऑनलाइन मार्केटिंग में करियर बिजनेस और जॉब्स (Career Business and Jobs in Online Marketing)-

एक बार अगर आप ऑनलाइन मार्केटिंग सीख जाते हैं तो आपके लिए jobs की कोई कमी नहीं रह जाती है। अगर आप काम (Jobs) नहीं करना चाहते हैं तो आप अपना खुद का digital marketing business भी start कर सकते हैं। प्रीतम डगराले, अमित मिश्रा और राहुल भटनागर कुछ फेमस भारतीय डिजिटल मारकेटर (Indian Digital Marketer) हैं।

ऑनलाइन मार्केटिंग का भविष्य (Future Of Online Marketing)-

आज जिस रफ्तार से चीजें ऑनलाइन हो रही हैं उसे देखकर तो यही लगता है कि ऑनलाइन मार्केटिंग (Online Marketing) का भविष्य बहुत ही शानदार होने वाला है और यह sector भविष्य में ये एक शानदार industry के रूप में उभरने की क्षमता रखता है।
1. डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग में क्या अंतर है? (Digital Marketing vs Online Marketing)-
डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) और ऑनलाइन मार्केटिंग ये ऐसे शब्द हैं जिन्हें अक्सर हम एक ही समझ लेते हैं। मगर असल में ऐसा नहीं है!
डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) किसी भी digital या electronic means के द्वारा किया जाने वाला प्रचार है। डिजिटल  मार्केटिंग (Digital Marketing) दो तरह की होती है-
1. ऑफलाइन डिजिटल मार्केटिंग (Offline Digital Marketing)

इसमें TV Ads, Radio Commercials, Phone SMS Marketing, Phone Call Marketing और e-billboard जैसी चीजें आती हैं।

2. ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग (Online Digital Marketing)
इसमें Email, PPC, Affiliate, Social Media और Search Engine Marketing जैसी मार्केटिंग strategies आती हैं।
अब तक आप समझ गए होंगे कि online marketing डिजिटल मार्केटिंग  (Digital Marketing)  का ही एक हिस्सा है। हालांकि इसमें कोई शक नहीं है कि digital marketing का बड़ा हिस्सा online marketing में पड़ता है। इसलिए अक्सर इन दोनों शब्दों को लोगों द्वारा interchangebly प्रयोग किया जाता है।

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