Saturday, December 5, 2020
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थायराइड के कारण लक्षण और उपचार (Symptoms and Treatment due to Thyroid in Hindi)

थायराइड क्‍या है (Thyroid Kya Hai)?

थायराइड (Thyroid) तितली के माप (Shape) की ग्रंथि होती है। यह गर्दन (neck) के अंदर और कॉलरबोन (Collarbone) के ठीक ऊपर स्थित होती है। थायराइड (Thyroid) एक प्रकार की एंडोक्राइन ग्रंथि (Endocrine gland) है, जो हार्मोन (Hormones) बनाती है। थायराइड (Thyroid) विकार एक आम समस्‍या है जो पुरुषों से ज्‍यादा महिलाओं को प्रभावित (Influenced) करती है।

थायराइड (Thyroid) एक एंडोक्राइन ग्रंथि (Endocrine gland) है जो ट्राईआयोडोथायरोनिन (Triiodothyronine) (T3) और थायरोक्सिन (Thyroxine)(T4) नामक दो हार्मोन (Hormones) बनाती है। इन हार्मोनों का उत्‍पादन (Production of Hormones) और स्राव थायराइड-स्टिमुलेटिंग हार्मोन (Thyroid-stimulating Hormones) (टीएसएच) द्वारा नियंत्रित किया जाता है। टीएसएच पिट्यूटरी (TSH pituitary) में बनता है जिसके स्राव को थायराइड (Thyroid) रिलीज करने वाले हार्मोन (Hormones) या टीआरएच (TRH)द्वारा नियंत्रित किया जाता है। ये हार्मोन (Hormones) शरीर (Body) की सामान्‍य चयापचय प्रक्रिया (Metabolic process) के लिए जिम्‍मेदार होते हैं।

थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) के ज्‍यादा या कम मात्रा में हार्मोन (Hormones) बनाने पर थायराइड की समस्‍या (Thyroid Problem) उत्‍पन्‍न होने लगती है। ऑटोइम्‍यून (Autoimmune) या थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland) में कैंसरयुक्त या कैंसर (Cancer) रहित कोशिकाओं (Cells) के बनने या ग्रंथि में सूजन (Gland Inflammation) के कारण हार्मोंस के उत्‍पादन (Production of Hormones) में असंतुलन आ सकता है।

वैश्विक स्‍तर पर पुरुषों से ज्‍यादा महिलाएं इस बीमारी से ग्रस्‍त होती हैं। 0.5% पुरुषों की तुलना में 5% महिलाएं थायराइड (Thyroid) का शिकार होती हैं। थायराइड हार्मोन (Thyroid Hormones) का कम या ज्‍यादा बनना, शरीर (Body) की प्रत्‍येक कोशिका को प्रभावित (Influenced) करता है।

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थायराइड के प्रकार (Types of Thyroid in Hindi)

प्रमुख तौर पर थायराइड (Thyroid) दो प्रकार का होता है –

  1. हाइपरथायराइड (Hyperthyroid)- हाइपरथायराइडिज्‍म (Hyperthyroidism) में अत्‍यधिक मात्रा में थायराइड हार्मोन (Thyroid Hormones) बनने लगता है

2. हाइपोथायराइड (Hypothyroid)-  हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) में इस हार्मोन (Hormones) का उत्‍पादन कम होता है।

थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) से जुडी अन्‍य  गंभीर (Serious) समस्‍याओं में थायराइड कैंसर (Thyroid Cancer) का नाम भी शामिल है और ये एंडोक्राइन कैंसर (Endocrine Cancer) का सबसे सामान्‍य प्रकार है। इन सभी समस्‍याओं (Problems) के कारण का पता लगाया जा चुका है और टेस्‍ट (Test) के ज़रिए इस बीमारी की जांच की जा सकती है।

उचित ट्रीटमेंट ( Treatment) की मदद से थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) ठीक तरह से काम कर सकती है। जीवनशैली में कुछ बदलाव (Change) लाकर जैसे कि संतुलित आहार (Balanced Diet) और पर्याप्‍त मात्रा में आयोडीन का सेवन ( Iodine intake) एवं तनाव (Tension) को दूर करने के लिए योग (Yoga) तथा ध्यान (Meditation) की मदद से थायराइड को नियंत्रित (Thyroid Controlled) किया जा सकता है। थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) से संबंधित (Related) समस्‍याओं को नियंत्रित करने के लिए एंडोक्राइनोलॉजिस्ट (Endocrinologist) से नित्य (Regular) सलाह (Consultation) और चैकअप करवाते रहना चाहिए।

  • थायराइड संबंधी समस्याएं (Thyroid Problems in Hindi)
  • थायराइड के लक्षण (Thyroid ke lakshan)
  • थायराइड के कारण (Thyroid ke karan)
  • थायराइड से बचाव के उपाय (Thyroid se bachav ke upay)
  • थायराइड का उपचार (Thyroid ka upchar)
  • थायराइड संबंधी समस्याएं के जोखिम और जटिलताएं (Risks and Complications of Thyroid Problems in Hindi)

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थायराइड संबंधी समस्याएं (Thyroid Problems in Hindi)

थायराइड हार्मोन (Thyroid Hormones) मेटाबोलिक रेट (Metabolic rate), भोजन (Food) ग्रहण करने और थर्मोजेनेसिस को नियंत्रित (Control Thermogenesis) करने में अहम भूमिका निभाता है। हाइपरथायराइडिज्‍म (Hyperthyroidism) में थायराइड हार्मोन (Thyroid Hormones) अधिक मात्रा में बनने लगता है। इसमें टी3 और टी4 का स्‍तर बढ़ने एवं टीएसएच का स्‍तर (TSH level) घटने लगता है। कभी-कभी थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) की सूजन (Swelling) के कारण स्‍थायी तौर पर हाइपरथायराइडिजम (Hyperthyroidism) हो सकता है।

थायराइड (Thyroid) का दूसरा प्रकार है हाइपोथाइराडिज्‍म (Hyperthyroidism) जिसमें थायराइड हार्मोन (Thyroid Hormones) कम बनने लगता है और टी3 एवं टी4 का सीरम लेवल (Serum level) घटने तथा टीएसएच का स्‍तर (TSH level) बढ़ने लगता है।

  • हाइपरथायराइडिज्‍म (Hyperthyroidism): इसमें थायराइड ग्रंथ (Thyroid Gland) के अधिक सक्रिय होने के कारण थायराइड हार्मोन (Thyroid Hormones) का अत्‍यधिक स्राव होने लगता है।
  • हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism): इसमें थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland) सामान्‍य से कम मात्रा में थायराइड हार्मोन (Thyroid Hormones) का स्राव करती है।

थायराइड कैंसर (Thyroid Cancer): एंडोक्राइन ट्यूमर (Endocrine Tumour) का सबसे संकटपूर्ण (Dangerous) रूप थायराइड कैंसर (Thyroid Cancer) ही है। ऊतकों के आधार पर थायराइड कैंसर (Thyroid Cancer) को निम्‍न प्रकार में वर्गीकृत किया जा सकता है:

  • डिफरेंशियल थायराइड कैंसर (Differential Thyroid Cancer): पैपिलरी थायराइड कैंसर (Papillary Thyroid Cancer) और फॉलिक्युलर थायराइड कैंसर (Follicular Thyroid Cancer) के एक साथ होने पर डिफरेंशियल थायराइड कैंसर (Differential Thyroid Cancer) होता है। इस प्रकार का कैंसर (Cancer) उपकला या एपिथीलियमी कोशिकाओं (Epithelial or Epithelial Cells) से होता है और ये थायराइड कैंसर (Thyroid Cancer) का सबसे सामान्‍य रूप है।
  • ऐनाप्लास्टिक थायराइड कैंसर (Anaplastic Thyroid Cancer): ऐनाप्लास्टिक थायराइड कैंसर (Anaplastic Thyroid Cancer) एक दुष्प्राप्य (Rare) और तेज़ी से बढ़ने वाला कैंसर (Cancer) है जिसका इलाज बहुत मुश्किल है। केवल 2 फीसदी कैंसर (Cancer) ही ऐनाप्लास्टिक थायराइड कैंसर (Anaplastic Thyroid Cancer) होता है। यह कैंसर (Cancer) आमतौर पर 60 या उससे अधिक उम्र के वयस्कों में होता है। इसमें नई तरह की कोशिकाएं (Cells) विकसित हो जाती हैं जो थायराइड (Thyroid) ऊतकों से बिलकुल अलग होते हैं।

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थायराइड के लक्षण (Thyroid ke lakshan)

हाइपरथायराइडिज्‍म के सामान्‍य लक्षण (Common Symptoms of Hyperthyroidism in Hindi)

  • गलगंड (घेंघा रोग)- Galgand (Goitre Disease)
  • वजन कम होना (Weight Lose)
  • व्याकुलता, परेशानी, चिंता और मूड बदलना (Distraction, discomfort, anxiety and mood changes)
  • थकावट (Fatigue)
  • सांस फूलना (Breathlessness)
  • अधिक प्‍यास लगना (Thirsty)
  • दिल की धड़कन तेज होना (Heart Beat Fast)
  • गर्मी ज्‍यादा लगना (Hot Summer)
  • कम नींद आना (Sleep Less)
  • बाल झड़ना और बालों का पतला होना (Hair Fall and Hair Thinning)
  • आंखों में लालपन और सूखापन होना (Redness and Dryness in Eyes)

हाइपोथायराइडिज्‍म के सामान्‍य लक्षण (Common Symptoms of Hypothyroidism in Hindi)

  • वजन बढ़ना (Weight Gain)
  • थकावट (Fatigue)
  • बालों का झड़ना (Hair fall)
  • सर्दी ज्‍यादा लगना (Feeling cold)
  • अवसाद (Depression)
  • मांसपेशियों में अकड़न (Muscle stiffness)
  • गला बैठना (Sore Throat)
  • मानसिक तनाव (Mental Stress)
  • नाखूनों और बालों का कमजोर होना (Weakening of Nails and Hair)
  • त्‍वचा का रूखा और पतला होना (Dry skin and Thinning)

थायराइड के कारण (Thyroid ke karan)

हाइपरथायराइडिज्‍म (Hyperthyroidism) के कारण इस प्रकार हैं

  • ग्रेव्स डिजीज (Graves Disease): हाइपरथायराइडिज्‍म (Hyperthyroidism) का सबसे सामान्‍य कारण ग्रेव्स डिजीज (Graves Disease) है। ये एक ऑटोइम्‍यून रोग (Autoimmune disease) है जिसमें ऑटो एंटीबॉडीज (Auto antibodies) अधिक मात्रा में थायराइड हार्मोन (Thyroid Hormones) का उत्‍पादन एवं स्राव करने के लिए ग्रंथि को उत्तेजित (Excited) करने लगती हैं। ये समस्‍या पुरुषों से ज्‍यादा महिलाओं में देखी जाती है।
  • थायराइ‍ड ग्रंथि में गांठ (Thyroid Gland): थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland) पर गांठ (जो कैंसरयुक्‍त न हो) बनने की वजह से हार्मोंस (Hormones) का अत्‍यधिक मात्रा में स्राव हो सकता है।
  • आयोडीन का अधिक सेवन (Excessive Iodine Intake): थायराइड हार्मोंस (Thyroid Hormones) के उत्‍पादन के लिए आयोडीन एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व (माइक्रोन्‍यूट्रिएंट) है। हालांकि, आयोडीन (Iodine) का ज्‍यादा सेवन ( Intake) करने पर हाइपरथायराइडिज्‍म (Hyperthyroidism) हो सकता है।
  • गर्भावस्‍था (Pregnancy): गर्भावस्‍था (Pregnancy) के दौरान हार्मोनल बदलाव (Hormonal Change) के कारण हाइपरथायराइडिज्‍म (Hyperthyroidism) हो सकता है। पिट्यूटरी ग्रंथि में कैंसर (Pituitary gland cancer) रहित कोशिकाओं के वि‍कसित होने पर थायराइड हार्मोंस (Thyroid Hormones) का उत्‍पादन बढ़ सकता है।

हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism) के कारण इस प्रकार हैं

हार्मोन (Hormones) की कमी के कारण हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism) होता है। हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism) दो प्रकार का होता है, एक थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland) विकार के कारण होता है और दूसरा पिट्यूटरी ग्रंथि या हाइपोथैलेमस (Pituitary gland or Hypothalamus) से संबंधित (Related) विकार के कारण होता है।

प्राइमरी हाइपोथायराइडिज्‍म के कारण (Due to primary Hypothyroidism)

  • हाशिमोटो डिजीज (Hashimoto Disease): थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland) में ऑटोइम्‍यून सूजन (Autoimmune Swelling) के कारण थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland) कम सक्रिय हो जाती है।
  • आयोडीन की कमी (deficiency of Iodine): थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland) के बाद थायराइड हार्मोन (Thyroid Hormones) को बनाने में आयोडीन अहम भूमिका निभाता है और इसकी कमी की वजह से हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism) हो सकता है।
  • थायरॉयडेक्टॉमी (Thyroidectomy): एक सर्जिकल प्रक्रिया (Surgical procedure) है जिसमें पूरी थायरॉयड ग्रंथि (Thyroid gland) या थायरॉयड ग्रंथि का कुछ हिस्सा निकाल दिया जाता है। ये आगे चलकर हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism) का रूप ले सकता है।
  • रेडियो थेरेपी (Radio Therapy)
  • हाइपरथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism) की दवा और ट्रीटमेंट ( Treatment) के कारण थायराइड हार्मोन (Thyroid Hormones) का उत्‍पादन कम हो सकता है।
  • थायराइड डिस्‍जेनेसिस (Thyroid dysgenesis)
  • जन्मजात हाइपोथायराइडिज्म (Congenital Hypothyroidism)

सेकेंडरी हाइपोथायरायडिज्म के कारण (Causes of Secondary Hypothyroidism)

  • पिट्यूटरी एडिनोमा (कैंसर रहित कोशिकाओं का विकास) (Pituitary adenoma)
  • पिट्यूटरी सर्जरी (Pituitary surgery)
  • सिर में चोट (head trauma)
  • हाइपोथैलेमिक ट्यूमर (Hypothalamic tumor)

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थायराइड से बचाव के उपाय (Thyroid se bachav ke upay)

हाइपरथायराइडिज्‍म (Hyperthyroidism)

हाइपरथायराइडिज्‍म (Hyperthyroidism) के स्‍पष्‍ट कारण का अब तक पता नहीं चल पाया है जिस वजह से इस समस्‍या की रोकथाम भी मुश्किल है। हालांकि, तनाव और स्मोकिंग(Smoking) की लत को दूर कर एवं संतुलित आहार (Balanced Diet) की मदद से हाइपरथायराइडिज्‍म (Hyperthyroidism) के खतरे को कम किया जा सकता है।

हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism)

हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism) अनुवांशिक और हार्मोनल (Genetic and hormonal) कारणों की वजह से होता है इसलिए इसे रोकना कठिन है। हालांकि, इस बीमारी की जांच (Disease check) और इलाज काफी आसान है। पर्याप्‍त मात्रा में आयोडीन (Iodine) के सेवन और संतुलित आहार (Balanced Diet) की मदद से हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism) से बचा जा सकता है।

थायराइड का उपचार (Thyroid ka upchar)

हाइपरथायराइडिज्‍म के लिए ट्रीटमेंट (Treatment for Hyperthyroidism in Hindi)

  • दवाएं (Medicines): रेडियो एक्टिव आयोडीन एबलेशन (Radio active iodine ablation), थायरायइड-रोधी दवाओं (Anti-thyroid drugs) जैसे कि निओमरकाजोल (Neomercazole) (हार्मोंस के रिलीज होने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए) और सूजन (Swelling)-रोधी दवाओं (लक्षणों से राहत दिलाने के लिए) की सलाह दी जाती है।
  • थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland) के प्रभावित (Influenced) हिस्‍से को सर्जरी से निकालना या थायराइडेक्‍टोमी (Thyroidectomy)
  • आंखों का सूखापन (Dry eye) दूर करने के लिए आर्टिफिशियल टियर्स (Artificial Tears) का इस्‍तेमाल

जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes)

दवाओं के अलावा जीवनशैली में कुछ बदलाव (Lifestyle changes) कर के भी थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland) की सक्रियता पर नज़र रखी जा सकती है। नित्य (Regular) हैल्‍थ चेकअप, स्मोकिंग(Smoking) छोड़कर और योग (Yoga) की मदद से थायराइड की समस्‍या (Thyroid problem) को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। विटामिन, प्रोटीन (Protein), कैल्शियम, आयोडीन और मैग्नीशियम युक्‍त संतुलित आहार (Balanced Diet) से भी हाइपरथायराइडिज्‍म के लक्षणों (Symptoms of Hyperthyroidism) से राहत तथा संपूर्ण स्वास्थ्य (Health) में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।

हाइपोथायराइडिज्‍म के लिए ट्रीटमेंट (Treatment for Hypothyroidism in Hindi)

नित्य (Regular) थायरोक्सिन की खुराक, हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism) का सबसे सामान्‍य ट्रीटमेंट ( Treatment) है। इलाज शुरु होने के बाद नियमित रक्त (Blood) की जांच करवाते रहना चाहिए ताकि रक्त (Blood) में हार्मोन (Hormones) लेवल के अनुसार खुराक में बदलाव (Change) किया जा सके। आयुर्वेद में कई जड़ी बूटियों का इस्‍तेमाल हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism) के इलाज के लिए किया जाता है। आप अपने चिकित्‍सक से हाइपोथायराइडिज्‍म Hypothyroidism() के इलाज के लिए आयुर्वेदिक दवाओं के इस्‍तेमाल और खुराक के बारे में बात कर सकते हैं।

जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes)

दवा के अलावा चेकअप और व्‍यायाम (Checkup and exercise) एवं योग (Yoga) की मदद से थायराइड हार्मोन (Hormones) के स्‍तर को नियंत्रित किया जा सकता है।

थायराइड संबंधी समस्याएं के जोखिम और जटिलताएं (Risks and Complications of Thyroid Problems in Hindi)

हाइपरथायराइडिज्‍म (Hyperthyroidism) संबंधी समस्याएं के जटिलताएं

उम्र (Age), लिंग और मरीज़ की स्थिति (Sex and Patient Status) के आधार पर ट्रीटमेंट ( Treatment) का चयन किया जाता है। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो बीमारी बढ़ कर आंखों और त्‍वचा (Eyes and skin) को प्रभावित कर सकती है।

हाइपरथायराइडिज्‍म (Hyperthyroidism) की वजह से निम्‍नलिखित प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है:

  • कार्डियोवस्‍कुलर रोग जैसे कि स्ट्रोक और हार्ट फेल (Cardiovascular diseases such as stroke and heart failure)
  • लकवा (Paralysis)
  • ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)
  • अनियमित मासिक धर्म के कारण बांझपन (Infertility due to irregular menstruation)
  • जिस हिस्‍से में थायराइड हार्मोन (Thyroid Hormones) उच्‍च मात्रा में रिलीज़ होता है, वहां पर थायराइड स्‍टोर्म (Thyroid storm) होना

हाइपोथायराइडिज्‍म संबंधी समस्याएं के जटिलताएं (Complications of Hypothyroidism problems)

थायरॉक्सिन (Thyroxine) की नियमित खुराक से हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism) का इलाज किया जा सकता है। अगर सही इलाज न लिया जाए हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism) की वजह से कोई गंभीर समस्‍या हो सकती है।

थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland) के कम सक्रिय होने पर एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) (धमनियों के अंदर कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का जमाव) जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में इसकी वजह से हार्मोनल जरूरतों को पूरा करने के लिए थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland) बढ़ भी सकती है।

इसके अलावा हाइपोथायराइडिज्‍म (Hypothyroidism) के कारण मैक्सिडेमा कोमा (Maxidema coma) की स्थिति‍ भी आ सकती है। मैक्सिडेमा कोमा (Maxidema coma) एक बहुत ही खतरनाक स्थिति होती है, थायरॉयड हार्मोन (Thyroid  Hormones) का बहुत ही कम उत्पादन इसकी विशेषता होती है।

थायराइड कैंसर के कारण (Causes of Thyroid Cancer in Hindi)

थायराइड कैंसर (Thyroid Cancer) के कई कारण हो सकते हैं। थायराइड कैंसर (Thyroid Cancer) के कारण इस प्रकार हैं:

  • अनुवांशिक कारण (Genetic cause): थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति के जींस से इस कैंसर (Cancer) के होने का खतरा सबसे ज्‍यादा रहता है। माता-पिता या शरीर (Body) में कैंसर (Cancer) पैदा करने वाले जींस के कारण थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) हो सकता है।
  • रेडिएशन (Radiation): कार्सिनोजेन (Carcinogen) एक लोकप्रिय रेडिएशन है। कम उम्र में थायराइड ग्रंथि रेडिएशन (Thyroid gland radiation) के प्रति बहुत संवेदनशील होती है। इन रेडिएशन के कारण कार्सिनोजेनिक बदलाव (Carcinogenic Change) होता है। डायग्‍नोस्टिक इमेजिंग प्रक्रिया (Diagnostic imaging Procedure) की वजह से भी थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) का खतरा बढ़ सकता है।
  • मधुमेह (Diabetes): इंसुलिन (Insulin) रेसिस्‍टेंस और टीएसएच (Resistance and TSH) का लेवल बढ़ने के कारण मधुमेह (Diabetes) के मरीज़ों में थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) का खतरा बढ़ सकता है।
  • हार्मोन (Hormones): थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) में एस्‍ट्रोजन (Estrogen) अहम भूमिका निभाता है। अध्‍ययन में भी ये बात सामने आई है कि जिन महिलाओं ने हिस्टेरेक्टॉमी (Hysterectomy) (गर्भाशय निकालने वाली सर्जरी) करवाई थी उनमें थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) का खतरा ज्‍यादा था।
  • जीवनशैली (Lifestyle): आहार (Diet) में उच्‍च मात्रा में नाइट्रेट लेना और फूड एडिटिव्‍स (Taking nitrates and food additives) की वजह से भी थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) हो सकता है। स्मोकिंग(Smoking) और शारीरिक (Body) सक्रियता की कमी भी थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) पैदा करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
  • ऑटोइम्यूनिटी (Autoimmunity): ग्रेव्स डिजीज और हाशिमोटो थायरोडिटिस (Graves disease and Hashimoto thyroiditis) के मरीज़ों में थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) का अधिक खतरा रहता है।

स्‍पष्‍ट रूप से ये नहीं कहा जा सकता है कि आयोडीन का संबंध थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) से होता है। कुछ अध्‍ययन में ये बात सामने आई है कि अपर्याप्‍त मात्रा में आयोडीन का उपयोग (Iodine use) करने से थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) हो सकता है जबकि कई अध्‍ययन ये संकेत देते हैं कि आयोडीन (Iodine) से भरपूर सीफूड के कारण थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, ये बात साफ नहीं है कि आयोडीन (Iodine) किस तरह थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) का कारण बनता है। अत: बेहतर होगा कि आप सही एवं उचित मात्रा में आयोडीन (Iodine) का सेवन करें।

इसे भी पढ़ें:- कैंसर के कारण, लक्षण और उपचार (Cancer Causes, Symptoms and Treatment)

थायराइड कैंसर के लक्षण (Symptoms of thyroid cancer in Hindi)

थायराइड कैंसर (Thyroid Cancer) के लक्षण गले के कैंसर (Cancer) या सांस से संबंधित (Related) रोगों के लक्षणों की तरह ही होते हैं। आइए जानते हैं थायराइड कैंसर (Thyroid Cancer) के लक्षण क्‍या हैं:

  • गले में तेजी से गांठ का बढ़ना (Rapid lump in the throat)
  • गर्दन में सूजन (Neck swelling)
  • आवाज़ में बदलाव (Change in voice)
  • खाना निगलने में दिक्‍कत होना (Difficulty swallowing food)
  • सांस लेने में परेशानी आना (Trouble breathing)
  • बिना किसी इनफ़ेक्शन लगातार खांसी रहना (Persistent cough without infection)
थायराइड कैंसर के उपाय (Thyroid Cancer Remedy in Hindi)

थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) का ट्रीटमेंट ( Treatment) इसके प्रकार और थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) के स्‍तर (स्‍टेज) पर निर्भर करता है। आमतौर पर थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) के इलाज के लिए निम्‍न ट्रीटमेंट ( Treatment) उपलब्‍ध हैं:

  • सर्जरी (Surgery): थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) को पूरा या इसका कुछ हिस्‍सा और गर्दन (neck) की लिम्‍फ नोड्स (Lymph nodes) को सर्जरी से निकाल दिया जाता है।
  • सर्जरी के बाद बचे हुए थायराइड ऊतकों (Thyroid tissues) को रेडियो एक्टिव आयोडीन थेरेपी (Radio active iodine therapy) से निकाला जाता है।
  • रेडिएशन थेरेपी (Radiation therapy)
  • कीमोथेरेपी (Chemotherapy): कैंसर (Cancer)-रोधी दवाओं को नसों में डालना
  • टारगेटिड थेरेपी (Targeted therapy): कैंसरयुक्‍त ऊतकों (Cancerous tissues) को दवाओं से नष्‍ट करना

जीवनशैली (LifeStyle)

संतुलित आहार (balanced diet), नियमित व्‍यायाम (Regular Exercise) करने और स्मोकिंग(Smoking) न कर के कुछ हद तक थायराइड कैंसर (Thyroid  Cancer) को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

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