Tuesday, October 27, 2020
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लहसुन खाने के फायदे और नुकसान (Benefits And Side Effects of Garlic in Hindi)

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लहसुन के फायदे (Lahsun ke Fayde)

अधिकतर भारतीय घरों (Indian homes) में आपको आसानी से लहसुन (Garlic) मिल जाएगा। इसके साथ ही आप लहसुन के फायदे (Benefits And Side Effects of Garlic in Hindi) भी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसका फ्लेवर तीखा और रोस्टिड (Flavor Tart & Rostid) जैसा होता है जो आपके खाने को लाजवाब (Wonderful) बनाने में मदद करता है। क्या आपको पता है स्वादिष्ट और फ्लेवर (Delicious and flavor) से भरपूर होने के अलावा लहसुन का सेवन (Intake of Garlic) करने से लहसुन के लाभ (Benefits And Side Effects of Garlic in Hindi) कई सारे मिलते हैं। लहसुन के फायदे (Lahsun ke Fayde) हाई बीपी (High BP), पेट की परेशानी (Stomach Problem), सेहतमंद दिल (Healthy Heart) आदि से जुड़े हुए हैं। खासतौर से लहसुन (Lahsun) में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल (Anti-bacterial and anti-fungal) खूबी होने के कारण जाना जाता है। लहसुन (Garlic) को शामिल करने से इसके फायदे (Benefits And Side Effects of Garlic in Hindi) आपके पूरे शरीर (Body) को मिलते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि लहसुन कैसे खाएं (How to eat garlic in Hindi) वो भी बिना लहसुन की गंध (Garlic smell) के डर से? लहसुन (Garlic) को शामिल कैसे करें डाइट (Diet) में इसकी जानकारी भी यहां से ले सकते हैं। लहसुन का नियमित सेवन ही आपको इसके फायदे दिला सकता है। लहसुन के खाने फायदे (Benefits And Side Effects of Garlic in Hindi) यानि लहसुन (Lahsun) से जुड़ी सारी जानकारी आप यहां से प्राप्त कर सकते हैं।

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  1. लहसुन के फायदे हृदय स्वास्थ्य में सुधार (Benefits of garlic Improves Heart Health in Hindi)
  2. लहसुन के फायदे हाई बीपी को नियंत्रित करने में  (Garlic Reduces Blood Pressure in Hindi)
  3. लहसुन के फायदे गठिया के दर्द को कम करने में  (Garlic for Arthritis Pain in Hindi)
  4. लहसुन का उपयोग बढ़ाए प्रतिरक्षा प्रणाली (Garlic Improves Immune System in Hindi)
  5. लहसुन के फायदे सर्दी और खांसी का प्रभावी इलाज में (Garlic Helps in Cold and Cough in Hindi)
  6. कच्चे लहसुन फायदे कवक संक्रमण से लड़ने के लिए (Garlic for Fungal Infection in Hindi)
  7. लहसुन के फायदे एलर्जी में (Garlic for Allergies in Hindi)
  8. लहसुन के फायदे दिलाएँ दांत दर्द से राहत (Lahsun ke Fayde for Tooth Pain in Hindi)
  9. लहसुन के फायदे पाचन प्रक्रिया में (Garlic For Digestion in Hindi)
  10. लहसुन के औषधीय गुण कैंसर को रोकने में सहायक (Garlic Cures Cancer in Hindi)
  11. लहसुन खाने के फायदे वजन कम करने के लिए (Benefits of Garlic for Weight Loss in Hindi)

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1. लहसुन के फायदे हृदय स्वास्थ्य में सुधार (Benefits of Garlic Improves Heart Health in Hindi)

लहसुन (Garlic) दिल के स्वास्थ्य (Heart Health) के लिए एक अच्छा आहार (Diet) माना जाता है। इससे रक्त परिसंचरण (Blood Circulation) में सुधार लाने, कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को कम करने और हृदय रोग (heart disease) को रोकने में मदद मिलती है। यह एथेरोस्क्लेरोसिस-Atherosclerosis (धमनीकलाकाठिन्य) के विकास या धमनियों (Arteries) के सख्त होने की गति को धीमा कर देता है। यह दिल के दौरे (Heart attacks) या स्ट्रोक (Stroke) के जोखिम को कम करने में भी सहायक है। लहसुन (Garlic) के हृदय-सम्बंधी स्वास्थ्य लाभ (Cardiovascular health benefits) उठाने के लिए:-  रोजाना (Daily) सुबह-सुबह 1 या 2 क्रश किए हुए लहसुन (Crushed garlic) का सेवन करें। इससे आपके हृदय के स्वास्थ्य में सुधार (Improve heart health) आएगा और हृदय (Heart) को रोगों से संरक्षण (Protection from diseases) प्राप्त होगा। आप अपने चिकित्सक से परामर्श (Doctor consultation) करने के बाद इस जड़ी बूटी के पूरक आहार-Herb Supplements (सप्लीमेंट्स) का सेवन भी कर सकते हैं।

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2. लहसुन के फायदे हाई बीपी को नियंत्रित करने में  (Garlic Reduces Blood Pressure in Hindi)

अगर शरीर (Body) में एंजियोटेंसिन (Angiotensin) I-converting एंजाइम (Enzyme), या “एसीई (ACE)” (I-converting enzyme, or “ACE”) नामक एंजाइम का उत्पादन (Enzyme production) बढ़ जाए तो इससे बीपी (BP) बढ़ जाता है। कई अंग्रेजी दवाइयां (English medicine) इस एंजाइम (Enzyme) को बनने से रोकने का काम करती है लेकिन उनके कई दुष्प्रभाव (Side effects) होते हैं। लहसुन (Lahsun) में गामा-ग्लूटामिलसीस्टीन (gamma-glutamylcysteine), एक प्राकृतिक एसीई अवरोधक (Natural ACE inhibitors) होता है। यह रसायन (Chemicals) होने की वजह से लहसुन (Lahsun) धमनियों (Arteries) को चौड़ा करता है जिससे हाई बीपी (High BP) नियंत्रित हो जाता है। अध्ययनों से पता चला है कि लहसुन (Garlic) उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) को भी कम कर सकता है, विशेष रूप से सिस्टल रक्तचाप (Cystal Blood Pressure)। उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) से पीड़ित लोगों को रोजाना कुछ लहसुन की कलियों (Garlic buds) को खाली पेट (empty stomach) खाना चाहिए। अगर आपको लहसुन का स्वाद (Garlic Flavor) पसंद नहीं है, तो इसे खाने के बाद आप एक गिलास दूध पी (Drink a glass of milk) सकते हैं। आप लहसुन के सप्लीमेंट्स (Garlic Supplements) की खुराक (Dose) भी ले सकते हैं।

3. लहसुन के फायदे गठिया के दर्द को कम करने में  (Garlic for Arthritis Pain in Hindi)

गठिया (Arthritis) एक ऐसी बीमारी (Disease) है जो आपको जीवन (Life) में किसी भी आयु या चरण (Age or Stage) में प्रभावित (Influenced) कर सकती है। इस स्थिति (Situation) को पलटा नहीं जा सकता है पर सामान्य जीवन (Normal life) जीने के लिए निश्चित रूप से इससे लड़ने के कई तरीके हैं। नियमित दवाइयों (Regular Medicines) के साथ-साथ उचित अभ्यास (Proper Practice) और उचित डाइट (Proper Diet), गठिया रोगियों (Arthritis Patients) के लिए बराबर महत्वपूर्ण है। प्राचीन ग्रंथों (Ancient Texts) में इसके लक्षणों (Symptoms) को दूर करने में मदद के लिए कई पूरक या वैकल्पिक थेरेपी (Complementary or alternative therapy) भी बताई गई है। हालांकि इनमें से अधिकतर उपचारों (Therapies) में वैज्ञानिक प्रमाण-अवधारणा (Scientific proof Concept) नहीं है; कुछ का शोधकर्ताओं (Researchers) द्वारा परीक्षण (Testing) किया गया है जो अत्यधिक प्रभावी (Effective) साबित हो रहे हैं। गठिया (Arthritis) के दर्द और सूजन (Pain and swelling) के लिए ऐसा एक घर (Home) आधारित उपाय लहसुन (Lahsun) है। लहसुन (Garlic) एक ऐसा हर्बल उत्पाद (Herbal Products) है जिसपर काफी शोध (Research) हुए हैं और कई स्वास्थ्य स्थितियों (Health conditions) के लिए इसका उपयोग किया गया है।  रूमेटोइड गठिया (Rheumatoid Arthritis) के इलाज (Treatment) में ये विशेषकर लाभदायक (Profitable) साबित होता है।   संधिशोथ (rheumatoid) गठिया (Arthritis) वाले लोगों के दर्द (Pain) और अन्य लक्षणों (Other symptoms) को कम करने के लिए लहसुन (Lahsun) एक परखा हुआ और प्रभावी उपाय (Effective Measures) है। इसमें निहित एंटी-ऑक्सिडेंट (Anti-Oxidant) और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण (Anti-inflammatory properties) गठिया (Gathiya) के विभिन्न रूपों से जुड़ी सूजन (Swelling) को कम करने में मदद करते हैं। इसमें एकडायलिल डाइस्फाइड (Acadyl Disulfide) नामक यौगिक (Compound) भी शामिल है जो हानिकारक एंजाइमों (Harmful Enzymes) को सीमित करने में सहायता करता है।  गठिया के कारण (Due to arthritis) सूजन और जोड़ों में दर्द (Swelling and Joint Pain) को कम करने के लिए, अपने नियमित आहार (Regular Diet) में लहसुन (Lahsun) शामिल करें। इसका सेवन खाली पेट (Empty Stomach) करें।  लहसुन (Garlic) को लेने के कई तरीके हैं। आपको ये सूखे पाउडर (Dried Powder) के रूप में और कैप्सूल या टैबलेट (Capsule or tablet) में के रूप में मिल सकता है। आप इसका तेल (Oil) भी इस्तेमाल कर सकते हैं। गठिया (Gathiya) या अन्य दर्द के लिए उपाय (Remedy for pain) के रूप में लहसुन को उपयोग (Use garlic) करने से पहले एक बार डॉक्टर (Doctor) से बात कर लें।

4. लहसुन का उपयोग बढ़ाए प्रतिरक्षा प्रणाली (Garlic Improves Immune System in Hindi)

कच्चे लहसुन (Raw Garlic) के रस को घावों पर एंटीसेप्टिक (Antiseptic on wounds) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसको इलाज (Treatment) के रूप में काफी समय से इस्तेमाल (Use) किया जा रहा है। कई सालों से सुझाव दिए जाते हैं कि लहसुन (Lahsun) हृदय रोग (Heart Disease), हाई कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol), सर्दी जुकाम और फ्लू (colds and flu) सहित विभिन्न प्रकार की चिकित्सा समस्याओं (Medical Problems) में मदद कर सकता है। इसका कारण यह है कि लहसुन में एलिसिन (Allicin in Garlic) होता है जिसकी एक अलग गंध (Smell) होती है। लहसुन विटामिन सी (Garlic Vitamin C), बी 6 और सेलेनियम और मैंगनीज़ (Selenium and Manganese) जैसे खनिज (Minerals) का एक अच्छा स्रोत है। यह सभी विटामिन और खनिज प्रतिरक्षा प्रणाली (Vitamin and mineral immune system) को बढ़ाने में मदद करते हैं और खनिज (Minerals) के अवशोषण (Absorption) में भी सुधार लाते हैं।  इसके अलावा लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बायोटिक गुण (Antioxidant and Antibiotic Properties in Garlic) होते हैं जो शरीर की बीमारियों (Body diseases) से लड़ने की क्षमता (Fighting ability) को मजबूत करते हैं।

5. लहसुन के फायदे सर्दी और खांसी का प्रभावी इलाज में (Garlic Helps in Cold and Cough in Hindi)

लहसुन (Lahsun) एंटी-बायोटिक और एंटी-वायरल (Anti-biotic and anti-viral) लाभ प्रदान करता है जो लहसुन (Garlic) को सर्दी और खांसी (Cold and Cough) के लिए एक अद्भुत उपचार (Amazing Treatment) बना देती है। इससे ऊपरी श्वसन संक्रमण (respiratory infection) की गंभीरता भी कम हो सकती है। इसके अलावा लहसुन (Garlic) अस्थमा और ब्रोंकाइटिस (Asthma and bronchitis) जैसे विभिन्न श्वसन स्थितियों (Respiratory conditions) के इलाज में अत्यधिक लाभकारी (Highly beneficial) है। यह खांसी (Cough) सम्बंधित कफ निस्सारक (Phlegm detector) को बढ़ावा देता है।  लहसुन खाने के अतिरिक्त (In addition to eating garlic), आप लहसुन के सप्लीमेंट्स (Garlic Supplements) का भी नियमित आधार (Regular Basis) पर सेवन ऊपरी श्वसन संक्रमण (Respiratory Infection) को कम करने के लिए कर सकते हैं।

6. कच्चे लहसुन फायदे कवक संक्रमण से लड़ने के लिए (Garlic for Fungal Infection in Hindi)

लहसुन (Lahsun) में शक्तिशाली एंटी-फंगल-Powerful anti-fungal (कवक विरोधी) गुण पाए जाते हैं जो फंगल संक्रमण (Fungal Infection) से लड़ने में सहायता करते हैं। फंगल इन्फेक्शन (Fungal Infection) दाद (Ringworm) का एक प्रमुख कारक (Prime factors) बन सकता है। लहसुन कैंडिडा (Garlic Candida) से लड़ने में भी मदद करता है।  कवक संक्रमणों (Fungal infections) को मात देने के लिए :-
  • प्रभावित त्वचा (Affected skin) क्षेत्रों पर लहसुन का जैल या तेल (Garlic gels or oil) लगाएं।
  • मुंह के छाले (Mouth ulcers) से पीड़ित होने पर, मुंह के प्रभावित क्षेत्रों (Affected areas of the mouth) पर लहसुन का पेस्ट (garlic paste) लगाएं।
  • अपने आहार (Diet) में ताज़ा कच्चे लहसुन (Fresh Raw Garlic) को शामिल करें।

7. लहसुन के फायदे एलर्जी में (Garlic for Allergies in Hindi)

लहसुन (Garlic), बंद नाक (Closed Nose), छींकें आना (Sneezing) और आंख से पानी (Eye Watering) आने जैसे एलर्जी के लक्षणों (Allergy symptoms) से आराम दिलाने (Relax) और उन्हें ठीक करने में मदद करता है। यह आपके एलर्जी के लक्षणों (Allergy symptoms) की गंभीरता को कम करने के लिए हिस्टामाइन-Histamine (एलर्जिक रिएक्शन-Allergic reaction की वजह से निकलने वाला रसायन-Chemicals) से लड़ने में सक्षम है। यही कारण है कि लहसुन एक हिस्टामाइन विरोधी (Garlic is an anti-histamine) है।  लहसुन (Lahsun) एलर्जी वाले कोशिकाओं (Allergic cells) पर हमला करके और रक्त प्रवाह (blood flow) से पूरी तरह उन्हें हटाकर एलर्जी (Allergy) को ठीक करने में मदद करता है। लहसुन (Lahsun) में उत्तम एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी (Best anti-viral and anti-inflammatory) गुण पाए जाते हैं जो शरीर (Body) को विभिन्न प्रकार की एलर्जी (Allergic) से लड़ने में मदद करते हैं। लहसुन (Lahsun) ने एलर्जिक रायनाइटिस (Allergic Rhinitis) के कारण हुई वायुमार्ग के सूजन (Inflammation of the airways) को कम करने में भी सकरात्मक प्रभाव (Positive effect) दिखाया है।  एलर्जी सीजन (Allergy season) के दौरान, एलर्जी (Allergy) वाले लोगों को दैनिक रूप से लहसुन के पूरक (Garlic supplement) लेने की सलाह दी जाती है। त्वचा पर चकत्ते (Skin rashes), कीट काटने (Insect bite) या किसी अन्य प्रकार की एलर्जी (Allergy) के कारण खुजली से तुरंत राहत (Instant relief from itching) पाने के लिए, पीसे हुए लहसुन के पेस्ट (Powdered garlic paste) को प्रभावित क्षेत्र (affected area) पर लगाना एक अच्छा विकल्प है।

8. लहसुन के फायदे दिलाएँ दांत दर्द से राहत (Lahsun ke Fayde for Tooth Pain in Hindi)

मुंह (Mouth) में पाए जाने वाले बैक्टीरिया (Bacteria) की लगभग 500 से अधिक अधिक प्रजातियां (Pecies) होती हैं। इनमें से कुछ बैक्टीरिया (Bacteria) स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद (Beneficial for health) हैं और कुछ नहीं होते हैं। अपने मुंह को स्वस्थ (Mouth healthy) रखने के लिए आपको इन अच्छे और बुरे बैक्टीरिया (Good and Bad Bacteria) को संतुलित (Balanced) रखना पड़ता है। लहसुन (Lahsun) में पाए जाने वाला एलिसिन खराब बैक्टीरिया (Allicin bad bacteria) को रोकता है जो मुंह (Mouth) में बढ़ने से दांत ख़राब (Bad Teeth) होने का कारण बनते हैं। कई अध्ययनों (Studies) ने निष्कर्ष निकाला कि लहसुन के उपयोग (Use of garlic) से खराब बैक्टीरिया (Bad Bacteria) की आबादी को नियंत्रित (Control population) करके और अच्छे बैक्टीरिया (Good bacteria) को बढ़ने देने से मसूड़ों की बीमारी (Gum disease) से लड़ने में मदद मिल सकती है। दांत दर्द (Toothache) को कम करने में लहसुन बहुत ही प्रभावी माना जाता है। इसका श्रेय इसमें निहित एंटी-बैक्टीरियल और एनाल्जेसिक गुणों को जाता है। दांत-दर्द (Toothache) से तत्काल राहत पाने के लिए आपको बस लहसुन का तेल (garlic oil) या क्रश किये हुए लहसुन का एक टुकड़ा (A piece of crushed garlic) प्रभावित दाँत (Affected teeth) पर और आसपास के मसूड़ों (Gums) पर लगाना है।

9. लहसुन के फायदे पाचन प्रक्रिया में (Garlic For Digestion in Hindi)

लहसुन (Garlic) पाचन शक्ति (Digestion Power) को बढ़ाने के लिए पेट के कार्यों को नियंत्रित (Abdominal functions Control) करता है। पाचन तंत्र (Digestive System) के लिए सबसे फायदेमंद खाद्य पदार्थों (Food items) में से एक लहसुन (Garlic) है। यह लिम्फ (Lymph) पर लाभकारी प्रभाव डालता है और साथ ही शरीर (Bodu) में मौजूद घातक पदार्थ (Deadly substance) को खत्म करने में सहायता करता है। यह पाचन रस (Digestive juices) के स्राव को बढ़ाता है। लहसुन की कलियों (Garlic buds) को कुचलकर लौंग (Cloves), पानी (Water) या दूध (Milk) में डाला जा सकता है और पाचन (Digestion) के सभी प्रकार के विकारों (Disorders) के लिए लिया जा सकता है। लहसुन (Lahsun) आंत (Intestine) पर एक बहुत ही चिह्नित प्रभाव (Marked Effect) पैदा करता है। यह एक कीड़े एक्सपेलर (Insect Expeller) के रूप में एक उत्कृष्ट एजेंट (Excellent agent) है। यह दस्त (Diarrhea) के विभिन्न रूपों पर भी एक सुखद प्रभाव (Pleasant effect) पड़ता है। कोलाइटिस (Colitis), डाइसेंटरी (Dysentery) और कई अन्य आंतों के अप्सेट्स (Intestinal upsets) जैसी समस्याओं का सफलतापूर्वक ताजा लहसुन (Fresh Garlic) या लहसुन कैप्सूल (Garlic Capsule) के साथ इलाज किया जा सकता है। एक लहसुन कैप्सूल (Garlic Capsule) दिन में तीन बार लिया जाता है जो आम तौर पर दस्त या डाइसेंटरी (Diarrhea or dysentery) के हल्के मामलों को ठीक करने के लिए पर्याप्त होता है।  लहसुन (Lahsun) जिगर (Liver) को भी शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins from the body) को छुटकारा दिलाने के लिए उत्तेजित (Excited) करता है और साथ ही जिगर (Liver) को नुकसान पहुंचने से भी बचाता है। लेकिन इसका अर्थ बिल्कुल भी यह नहीं है कि आप लहसुन का सेवन (Intake of garlic) अत्यधिक मात्रा में करें, क्योंकि यह पाचन तंत्र (Digestive System) को परेशान कर सकता है।

10. लहसुन के औषधीय गुण कैंसर को रोकने में सहायक (Garlic Cures Cancer in Hindi)

लहसुन (Garlic) में कैंसर विरोधी गुण (Anticancer Properties) पाया जाता है। विशेष रूप से, यह कैंसर के ट्यूमर (Cancerous Tumors) में खून (Blood) को जाने से रोकता है। लहसुन (Lahsun) पेट (Stomach), गैस्ट्रिक (Gastric) और कोलन कैंसर (Colon Cancer) में विशेष रूप से लाभदायक होता है। यह कुछ प्रकार के ट्यूमर (Tumors) के विकास पर भी रोक लगाता है और कुछ ट्यूमर (Tumors) के आकार को कम करने में मदद करता है। लहसुन (Lahsun) में एलिल सल्फर यौगकों (Allyl sulfur compounds) की उपस्थिति कैंसर कोशिका (Cancer cell) को बढ़ने की प्रगति (Progress) को धीमा कर सकती है। जिन लोगों के पारिवारिक इतिहास (Family History) में कैंसर (Cancer) से कोई पीड़ित था, तो उन्हें कई प्रकार के कैंसर के खतरे (Cancer risk) को कम करने के लिए लहसुन का नियमित सेवन (Regular consumption of garlic) अवश्य करना चाहिए। कई रिपोर्ट में लहसुन (Garlic) में पाए जाने वाले एलिसिन (Allicin) को संभावित एंटी-कैंसर एजेंट (Anti-Cancer Agent) बताया गया है जो लहसुन (Garlic) को काटने या कुचलने पर उत्पादित होता है। यह संभव है कि एलिसिन एंटीऑक्सीडेंट (Allicin Antioxidant) के रूप में काम करता है। यह रक्त (Blood) में कोलेस्ट्रॉल के स्तर (Cholesterol levels) को कम करने में निश्चित रूप से प्रभावी है। एलिसिन (Allicin) विशेष रूप से बैक्टीरिया (Bacteria), वायरस (Viruses), यासत्स (Yasats) और आंतों (Intestines) के अमीबा के संक्रमण (Amoeba infections) को रोकने एक बहुत ही मजबूत प्राकृतिक हथियार (Natural weapon) है। उन्हें निकलाकर यह कई अप्रत्यक्ष तरीकों (Indirect methods) से कैंसर के खिलाफ (Against cancer) लड़ने में मदद कर सकता है।

11.लहसुन खाने के फायदे वजन कम करने के लिए (Benefits of Garlic for Weight Loss in Hindi)

यह औषधीय जड़ी बूटी (Medicinal herbs) प्रभावी रूप से सैटीएटी (Satiety) हार्मोन को नियंत्रित (Hormone Control) करती है जो आपके पेट (Stomach) को लंबे समय तक भरा रखता है। इसका मतलब है कि लहसुन खाने (Eat garlic) से आपकी भूख (Hunger) दबती है जिससे आप स्वास्थ्य (Health) के लिए हानिकारक स्नैक्स (Harmful snacks) के साथ साथ अत्यधिक खाने (Excessive Eating) से भी बच सकते हैं । यह चीनी और फास्ट फूड (Sugar and Fast Food) की इच्छा को भी महत्वपूर्ण रूप से कम कर देता है।  यह चयापचय (Metabolism) को बढ़ाने में भी मदद करता है। लहसुन का नियमित सेवन (Regular consumption of garlic) आपके शरीर को नोरेपीनेफ्राइन (Norepinephrine) बनाने में मदद करता है, जो शरीर (Body) की चयापचय गतिविधि (Metabolic Activity) को बढ़ाने के लिए एक जिम्मेदार न्यूरोट्रांसमीटर (Neurotransmitters) है। जिससे रोजाना खाने से शरीर (Body) में इक्क्ठे फेेट (Fat) को तोड़ने वाली प्रक्रियाओं में मदद मिलती है। अगर आप लहसुन का उपयोग (Uses of Garlic) वजन कम (Wait Loss) करने के लिए करने जा रहे हैं तो इसको खाली पेट (Empty Stomach) लेना सबसे अच्छा तरीका है। यह तरीका लहसुन से वजन कम (Lose weight with garlic) करने का सबसे अच्छा घरेलू उपाय (Good Home Remedy) माना जाता है। खाली पेट लहसुन का सेवन (Consumption of garlic on an empty stomach) आपके शरीर के चयापचय (Body metabolism) को भी तेज़ी से बढ़ा कर वजन कम (Lose weight) करने में बहुत जल्दी असर दिखाता है।  इसके लिए आप हर सुबह खाली पेट (Empty Stomach) दो से तीन लहसुन (Lahsun) खाएँ। इससे आपको अतिरिक्त वजन से छुटकारा (Get rid of weight) मिलने के साथ साथ आपका रक्त संचार (Blood Circulation) भीठीक रहेगा।

लहसुन खाने के नुकसान (Disadvantages of Garlic in Hindi)

लहसुन (Garlic) का सेवन करने के बहुत सारे फायदे तो हैं परन्तु साथ ही साथ इसमें स्वास्थ्य (Health) के लिए कुछ दुष्प्रभाव (Disadvantages) भी होते हैं, जिनका ज्ञान (Knowlage) इसका सही प्रकार से इस्तेमाल करने के लिए और उन दुष्प्रभावों (Benefits And Side Effects of Garlic in Hindi) से बचने के लिए आवश्यक है। लहसुन के साइड इफेक्ट्स (Garlic Side Effects) को अच्छे प्रकार से जानने के लिए निम्नलिखित अंकों को पढ़ें।

  • लहसुन (Garlic) का सेवन, पेट फूलना (Flatulence), गैस (Gas), खराब पेट (Bad Stomach), गन्दी सांस (Bad Breath) और शरीर की गंध (Body Odor) जैसे समस्या उत्पन्न करता है। यदि आप पेट (Stomach) या पाचन की समस्या (Digestive Problem) से ग्रस्त हैं, तो सावधानी के साथ लहसुन (Lahsun) का उपयोग करें
  • लहसुन (Garlic) एक स्कन्दनरोधी -Anticoagulant (रक्त-पतला करने वाला) के रूप में कार्य करता है और रक्त (Blood) पतला करने वाली दवाओं (Drugs) से हस्तक्षेप कर सकता है।
  • लहसुन (Garlic) का सेवन करने से आपके शरीर व मुंह से दुर्गन्ध (Deodorant of body and mouth) आ सकती है।
  • लहसुन (Garlic) के पूरक या सप्लीमेंट्स (Supplements) का सेवन गर्भवती महिलाओं (Pregnant women) को नहीं करना चाहिए।
  • लहसुन (Garlic) वॉटरिन (Waterine), एंटीप्लेटलेट (Antiplatelet,), साक्विनावीर (Saquinavir), एंटीहाइपरटेन्सिव (Antihypertensive), कैल्शियम चैनल ब्लॉकर (calcium channel blocker) और एंटीबायोटिक दवाओं (Antibiotic Medicines) के प्रभावों में हस्तक्षेप कर सकता है, इसलिए लहसुन का सेवन (Intake of Garlic) करने से पहले एक बार डॉक्टर (Doctor) से परामर्श करना सर्वोत्तम है।

 

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