Friday, September 18, 2020
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हल्दी के चमत्कारी फायदे और नुकसान (Haldi ke Chamatkari Fayde aur Nuksan)

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हल्‍दी के बारे में तथ्‍य (Facts about Turmeric in Hindi)

हल्दी (Haldi) (टर्मरिक) भारतीय वनस्पति है। यह अदरक (Ginger) की प्रजाति का ५-६ फुट तक बढ़ने वाला पौधा है जिसमें जड़ की गाठों में हल्दी (Haldi) मिलती है। हल्दी (Haldi) को आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही एक चमत्कारिक द्रव्य के रूप में मान्यता प्राप्त है। औषधि ग्रंथों में इसे हल्दी (Haldi) के अतिरिक्त हरिद्रा, कुरकुमा लौंगा, वरवर्णिनी, गौरी, क्रिमिघ्ना योशितप्रीया, हट्टविलासनी, हरदल, कुमकुम, टर्मरिक नाम दिए गए हैं। आयुर्वेद में हल्‍दी को एक महत्‍वपूर्ण औषधि‍ कहा गया है। भारतीय रसोई में इसका जरूरी (Important) स्थान है और धार्मिक रूप से इसको बहुत शुभ समझा जाता है। विवाह में तो हल्दी (Haldi) की रसम का अपना एक विशेष महत्व है। हल्दी के चमत्कारी फायदे और नुकसान (Haldi ke Chamatkari Fayde aur Nuksan)

  • वानस्‍पतिक नाम: कुरकुमा लौंगा (Curcuma longa)
  • अंग्रेजी नाम : टरमरि‍क (Turmeric)
  • पारि‍वारि‍क नाम : जि‍न्‍जि‍बरऐसे
  • सामान्‍य नाम: टर्मरिक, हल्‍दी
  • संस्‍कृत नाम: हरीद्रा
  • उपयोगी भाग: हल्‍दी की जड़ या प्रकंद का इस्‍तेमाल दवाओं और खाने में किया जाता है।
  • भौगोलिक विवरण: हल्‍दी को ज्यादातर दक्षिण (South) एशिया में उगाया जाता है। भारत (India), इंडोनेशिया, चीन, फिलीपींस, ताइवान, हैती, जमैका, श्रीलंका और पेरू में हल्दी (Haldi) पाई जाती है।
  • रोचक तथ्‍य: कुरकुमा लौंगा नाम अरबी पौधे कुरकुम से लिया गया है। चीन में इसे जिंग हुआंग कहा जाता है

हल्दी (Haldi) में उड़नशील तेल 5.8%, Protein-in-hindi/">प्रोटीन (Protein) 6.3%, द्रव्य 5.1%, खनिज द्रव्य 3.5%, और करबोहाईड्रेट 68.4% के अतिरिक्त कुर्कुमिन नामक पीत रंजक द्रव्य, विटमिन A पाए जाते हैं। हल्दी (Haldi) पाचन तन्त्र की समस्याओं, गठिया, खून (Blood)-प्रवा (Semolina)ह की समस्याओं, कैंसर (Cancer), जीवाणुओं (बेक्टीरिया) के इनफ़ेक्शन (Infection), उच्च रक्त-दाब (Blood Pressure) और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की समस्या और शरीर (Body) की कोशिका (Cell)ओं की टूट-फूट की मरम्मत में लाभकारी है। हल्दी (Haldi) कफ़-वात शामक, पित्त (Bile) रेचक व पित्त (Bile) शामक है। खून (Blood) स्तम्भन, मूत्र रोग, गर्भश्य, प्रमेह, त्वचा रोग, वात-पित्त (Bile)-कफ़ में इसका प्रयोग बहुत लाभकारी है। यकृत की वृद्धि में इसका लेप किया जाता है। नाड़ी शूल के अतिरिक्त पाचन क्रिया के रोगों अरुचि (भूख न लगना) विबंध, कमला, जलोधर व कृमि में भी यह लाभकारी पाई गई है। इसी प्रकार हल्दी (Haldi) की एक किस्म काली हल्दी (Haldi) के रूप में भी होती है। ट्रीटमेंट ( Treatment) में काली हल्दी (Haldi) पीली हल्दी (Haldi) के मुक़ाबले अधिक लाभकारी होती है।

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हल्दी के चमत्कारी गुण (Haldi ke Chamatkari Gun)

रसोई की शान होने के साथ-साथ हल्दी (Haldi) कई चामत्कारिक औषधीय गुणों से भरपूर है। आयुर्वेद में तो हल्‍दी को बेहद ही जरूरी (Important) माना गया है क्योंकि हल्दी (Haldi) गुमचोट के इलाज में तो सहायक है ही साथ ही कफ-खांसी सहित अनेक बीमारियों के इलाज़ में काम आती है। इसके अलावा हल्दी (Haldi) सौन्दर्यवर्धक भी मानी जाती है और प्रचीनकाल से ही इसका उपयोग रूप को निखारने के लिए किया जाता रहा है। वर्तमान समय में हल्दी (Haldi) का प्रयोग उबटन से लेकर विभिन्न तरह की क्रीमों में भी किया जा है। हल्दी (Haldi) कई सालों से एक एंटीसेप्टिक (Antiseptic) की तरह उपयोग हो रहा है, कही पर भी कटे हुए पर हल्दी (Haldi) लगाने से रक्त (Blood) बंद हो जाता है, व वह घाव (Wound) जल्दी भर जाता है| हल्दी के चमत्कारी फायदे और नुकसान (Haldi ke Chamatkari Fayde aur Nuksan)

दक्षिण एशिया (South Asia)  के उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में उगने वाली हल्‍दी (Haldi) कुरकुमा लौंगा पौधे की जड़ से प्राप्‍त की जाती है। इस पौधे की जड़ बल्‍ब के माप (Shape) की होती है जिससे प्रकंद (ऐसे कंद जो जमीन के अंदर होते हैं) बनती है। इसे उबालने के बाद सुखाकर और फिर मसलकर पीले रंग का पाउडर तैयार किया जाता है जिसे हम हल्‍दी (Haldi) के नाम से जानते हैं।

600 ई.पू. हल्‍दी का इस्‍तेमाल रंगाई के लिए किया जाता था। भारत (India) में हल्‍दी (Haldi) का बहुत समय से प्रयोग किया जाता है। आयुर्वेदिक हर्बल दवाओं में हल्‍दी (Haldi) का इस्‍तेमाल किया जाता है और इससे बनी औषधियां सांस से संबंधित (Related) परेशानियों, रूमेटिज्म, बदन दर्द (Pains) तथा थकावट (Fatigue) को दूर करने में असरकारी होती हैं।

कपड़ों को रंगने के लिए भी हल्‍दी (Haldi) का इस्‍तेमाल किया जाता है। यहां तक कि मार्को पोलो ने वर्ष 1280 में चीन की यात्रा के दौरान अपने नोट्स में हल्‍दी की तुलना केसर (Saffron) से की थी। मध्‍य यूरोप में हल्‍दी (Haldi) को “भारतीय केसर” कहा जाता था।

हल्‍दी (Haldi) का स्‍वाद कड़वा होता है और कभी-कभी इसका इस्‍तेमाल खाने को पीला रंग देने के लिए भी किया जाता है। डिब्‍बाबंद, बेक और डेयरी उत्‍पादों एवं जूस में भी हल्‍दी का प्रयोग किया जाता है। खाद्य पदार्थों को हल्‍दी (Haldi) की पत्तियों में लपेटकर भी पकाया जाता है। इन पत्तियों से खाने में एक अलग स्‍वाद आ जाता है।

हल्‍दी (Haldi) एक चमत्‍कारिक मसाला है लेकिन दूध के साथ लेने पर हल्‍दी (Haldi) के गुण दोगुने हो जाते हैं। हल्‍दी  (Haldi) वसा में घुलनशील करक्‍यूमिन नामक रसायनिक तत्‍व से बनती है।

दुनिया में भारत (India) हल्दी (Haldi) का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक है। भारत (India) में पैदा की गई हल्‍दी को सबसे ज्‍यादा बेहतरीन माना जाता है क्‍योंकि इसमें करक्‍यूमिन की मात्रा अधिक होती है। विश्व में हल्दी (Haldi) के कुल उत्पादन में भारत (India) की हिस्सेदारी 80% है।

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हल्दी के चमत्कारी फायदे (Haldi ke Chamatkari Fayde)

  1. हल्दी  के फायदे (Haldi ke Fayde in Hindi)
    • हल्दी का उपयोग करें घाव को जल्दी भरने में मदद (Haldi for Wounds Healing in Hindi)
    • हल्दी पाउडर के लाभ करें यकृत का संरक्षण (Turmeric Benefits for Liver in Hindi)
    • हल्दी के औषधीय गुण करें कैंसर से शरीर का बचाव (Turmeric Cures Cancer in Hindi)
    • हल्दी के फायदे हैं गठिया में उपयोगी (Haldi for Arthritis in Hindi)
    • हल्दी के लाभ करें डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद (Turmeric Helps in Diabetes in Hindi)
    • हल्दी का उपयोग है कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को कम करने में फायदेमंद (Turmeric for Lowering Cholesterol in Hindi)
    • हल्दी दूध पीने के फायदे इम्युनिटी के लिए (Turmeric Milk to Boost Immunity in Hindi)
    • हल्दी का उपयोग है वजन कम करने में सहायक (Haldi Helps in Weight Loss in Hindi)
    • हल्दी (के गुण करें अल्जाइमर रोग से बचाव (Turmeric for Alzheimer’s Disease in Hindi)
    • हल्दी खाने के फायदे हैं बेहतर पाचन के लिए (Turmeric Powder for Digestion in Hindi)
  2. हल्दी खाने का सही तरीका (Haldi khane ka sahi tarika in Hindi)
  3. हल्दी की तासीर (Haldi ki taseer in Hindi)
  4. हल्दी के फायदे त्वचा के लिए (Haldi for Skin in Hindi)
  5. हल्दी की अन्य फायदे (Other benefits of Haldi in Hindi)
  6. हल्दी के नुकसान (Haldi ke Nuksan in Hindi)

a. हल्दी का सेवन करें घाव को जल्दी भरने में मदद (Haldi for Wounds Healing in Hindi)

हल्दी (Haldi) एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और जीवाणुरोधी एजेंट है और इसे इनफ़ेक्शन (Infection) की रोकथाम के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यदि आपकी त्वचा जल गई है या फिर कट गई है, तो आप उसके ट्रीटमेंट ( Treatment) के लिए त्रस्त(Influenced) क्षेत्र पर हल्दी (Haldi) पाउडर (Turmeric powder) लगा सकते हैं। हल्दी (Haldi) टूटा हुआ (Damaged) त्वचा की मरम्मत में मदद करती है और इसका उपयोग छालरोग (सोरायसिस) और अन्य सूजन (Swelling) संबंधी त्वचा विकार के इलाज के लिए किया जा सकता है। 2014 में, यूरोपीय जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी (European Journal of Pharmacology) के अनुसार, चूहों पर किये गए एक अध्ययन से पता चला है कि हल्दी (Haldi) मधुमेह (Diabetes) के कारण शरीर (Body) में हो रहे दर्द (Pains) को कम करने में मदद कर सकती है। यह अन्य दवाओं से बेहतर है क्यूंकि इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता है। इसमें सूजन (Swelling) को कम करने वाले शक्तिशाली प्रभाव हैं और यह एक बहुत अच्छा एंटीऑक्सीडेंट भी है।

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b. हल्दी पाउडर के लाभ करें लिवर का संरक्षण (Turmeric Benefits for Liver in Hindi)

हल्दी (Haldi) एक प्रकार का प्राकृतिक यकृत (Liver) डिटॉक्सीफायर है। यकृत (Liver) एंजाइमों का उत्पादन करके खून (Blood) को साफ़ करने का कम करता है और हल्दी (Haldi) इन जरूरी (Important) एंजाइमों के उत्पादन को बढ़ाती है। ये जरूरी (Important) एंजाइम शरीर (Body) में विषाक्त पदार्थों को तोड़कर उनकी मात्रा को कम कर देते हैं। माना जाता है कि हल्दी (Haldi) खून (Blood) परिसंचरण को बेहतर बनाने में भी मदद करती है। ये सभी कारक यकृत (Liver) के सेहत (Health) को अच्छे रखने में मदद करते हैं।

c. हल्दी के औषधीय गुण करें कैंसर से शरीर का बचाव (Turmeric Cures Cancer in Hindi)

हल्दी (Haldi) में मौजूद करक्यूमिन (curcumin) शरीर (Body) में कैंसर (Cancer) के उन्नति (Development) को रोकता है। एक अध्ययन के अनुसार,  कर्क (Cancer)्यूमिन कैंसर (Cancer) से लड़ता है और कीमोथेरेपी​ के प्रभाव को भी बढ़ाने में मदद करता है। हल्दी (Haldi) काली मिर्च (Black Pepper) के साथ मिलाने पर और भी अधिक प्रभावशाली हो जाती है। कई पशुओं पर किये गए अध्ययन के मुताबिक, हल्दी (Haldi) में शामिल कर्कमिन कैंसर (Cancer) कोशिका (Cell)ओं के उन्नति (Development) को कम कर सकता है और ट्यूमर (Tumour) के उन्नति (Development) को रोक सकता है।

हल्दी (Haldi) प्रोस्टेट (State) कैंसर (Cancer) को रोकने में मदद करने के साथ-साथ मौजूदा प्रोस्टेट (State) कैंसर (Cancer) के उन्नति (Development) को भी रोकने में सहायक है। हल्दी (Haldi) में मौजूद औषधीय गुण कैंसर (Cancer) की कोशिका (Cell)ओं को नष्ट करने में सक्षम होते हैं। कई शोधकर्ताओं ने पाया है कि हल्दी (Haldi) में निहित सक्रिय घटक ट्यूमर (Tumour) के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ रक्षा प्रदान करने वाले आहारों में से एक है।

d. हल्दी के फायदे हैं गठिया में उपयोगी (Haldi for Arthritis in Hindi)

हल्दी (Haldi) में निहित उत्कृष्ट एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटाइड गठिया दोनों के इलाज के लिए उत्तम आहार है। इसके अलावा हल्दी (Haldi) के एंटीऑक्सिडेंट (Antioxidant) गुण शरीर (Body) में मुक्त कणों (फ्री रेडिकल्स) को नष्ट कर देते हैं जो शरीर (Body) को क्षति पहुँचा सकते हैं। यह पाया गया है कि रूमेटाइड संधिशोथ से दुःखित (Victim) लोग जो हल्दी (Haldi) का नित्य (Regular) आधार पर उपभोग करते हैं, उन्हें इसकी वजह से हल्के जोड़ो के दर्द (Pains) और साथ ही सूजन (Swelling) से राहत मिलती हैं। आर्थराइटिस फाउंडेशन (Arthritis foundation) के अनुसार, संयुक्त राज्य (State) अमेरिका में विकलांगता का सबसे आम (Mango) कारण ओस्टियोआर्थराइटिस है, जो लगभग 30.8 मिलियन अमेरिकिय लोगों को त्रस्त(Influenced) करता है। 2016 में की गई एक रिसर्च में पाया गया कि 4 सप्ताह के लिए कर्कमिन का उपयोग ( Intake) करना, ऑस्टियोआर्थराइटिस के दर्द (Pains) से छुटकारा पाने में मदद कर सकता है। हल्दी के चमत्कारी फायदे और नुकसान (Haldi ke Chamatkari Fayde aur Nuksan)

e. हल्दी के लाभ करें मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद (Turmeric Helps in Diabetes in Hindi)

हल्दी (Haldi) को डायबिटीज (Diabetes) के इलाज में इंसुलिन (Insulin) के स्तर को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह शर्करा (Glucose) के स्तर को नियंत्रित करती है और डायबिटीज (Diabetes) के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं के प्रभाव को बढ़ाती है। एक वैज्ञानिक समीक्षा के अनुसार, कर्क (Cancer)्यूमिन खून (Blood) में शर्करा (Glucose) के स्तर को कम कर सकता है, जो मधुमेह (Diabetes) को रोकने में मदद करता है। हल्दी (Haldi) में मौजूद कर्क (Cancer)्यूमिन, डायबिटीज (Diabetes) से जुड़े यकृत (Liver) विकारों के इलाज में भी मदद कर सकता है। हल्दी (Haldi) टाइप 2 मधुमेह (Diabetes) की शुरुआत को रोक सकती है। हालांकि, हल्दी (Haldi) का उपयोग ( Intake) यदि अधिक प्रबल दवाइयों के साथ किया जाये तो यह हाइपोग्लाइसीमिया (निम्न खून (Blood) शर्करा) नामक स्थिति उत्पन्न कर सकती है। इसलिए हल्दी (Haldi) के कैप्सूल (Capsule) लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह (Consultation) अवश्य लें।

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f. हल्दी का उपयोग है कोलेस्ट्रॉल को कम करने में फायदेमंद (Turmeric for Lowering Cholesterol in Hindi)

अनुसंधान (Research) में यह सिद्ध किया गया है कि सिर्फ हल्दी (Haldi) को एक भोजन (Food) के रूप में इस्तेमाल करने से सीरम कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का स्तर कम हो सकता है। यह एक ज्ञात तथ्य है कि अधिक कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) अन्य संगीन (Serious) सेहत (Health) समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का स्तर उचित बनाए रखने से कई कार्डियोवास्कुलर (हृदय सम्बंधित) रोगों को रोका जा सकता है। करक्यूमिन और विटामिन बी 6 में समृद्ध हल्दी (Haldi) आपके कार्डियोवैस्कुलर सेहत (Health) को भी अच्छा करती है। विटामिन बी6 होमोसिस्टीन (homocysteine) को पैदा होने से रोकता है, जो की सेल कोशिका (Cell)ओं को अहित Loss पहुंचाता है। ये किसी प्रकार का हृदय रोग पैदा कर सकता है जो हमारे सेहत (Health) के लिए अच्छा नहीं है। तो हल्दी (Haldi) खाएं और हृदय को निरोग (Healthy) बनाएं।

g. हल्दी दूध पीने के फायदे इम्युनिटी के लिए (Turmeric Milk to Boost Immunity in Hindi)

हल्दी (Haldi) में लाइपोपॉलीसकराइड (lipopolysaccharide) नामक एक पदार्थ होता है, जो शरीर (Body) की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता करता है। इसके जीवाणुरोधी, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल (Fungal) एजेंट भी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में सहायता करते हैं। एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली सर्दी, फ्लू और खांसी के खतरे होने की संभावना को कम करती है। यदि आप सर्दी, खांसी या फ्लू से पीड़ित हैं, तो आप एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच (Spoon) हल्दी (Haldi) पाउडर (Turmeric powder) को मिलाकर दिन में एक बार पी सकते हैं। इससे आपको जल्दी ही बेहतर महसूस होगा।

h. हल्दी का उपयोग है वजन कम करने में सहायक (Haldi Helps in Weight Loss in Hindi)

हल्दी (Haldi) पाउडर (Turmeric powder) शरीर (Body) के वजन (Weight) को बनाए रखने में बहुत मददगार हो सकता है। हल्दी (Haldi) में मौजूद एक घटक पित्त (Bile) के प्रवा (Semolina)ह को बढ़ाने में मदद करता है जो आहार से वसा को तोड़ने में एक जरूरी (Important) भूमिका का निभाता है। जो लोग वजन (Weight) कम करना चाहते हैं या मोटापा और अन्य संबंधित (Related) बीमारियों का इलाज करना चाहते हैं, वे प्रत्येक भोजन (Food) के साथ हल्दी (Haldi) पाउडर (Turmeric powder) के एक चम्मच (Spoon) का उपयोग ( Intake) कर सकते हैं।

i. हल्दी के गुण करें अल्जाइमर रोग से बचाव (Turmeric for Alzheimer’s Disease in Hindi)

हल्दी (Haldi) में करक्यूमिन के अलावा एक और जरूरी (Important) घटक होता है जिसे टरमरोन कहते हैं। एक रिसर्च में पाया गया है कि यह यौगिक मस्तिष्क की कोशिका (Cell)ओं की मरम्मत करने में मदद कर सकता है। यह स्ट्रोक और अल्जाइमर रोग जैसे न्यूरोडेजेनरेटिव बीमारियों को रोकने में भी मदद कर सकता है। एक और अध्ययन ने यह बताया है कि कर्क (Cancer)्यूमिन अल्जाइमर रोग में स्मृति के सुधार में भी मदद कर सकता है।

मस्तिष्क की सूजन (Swelling) अल्जाइमर रोग जैसे संज्ञानात्मक विकार के प्रमुख कारणों में से एक है। हल्दी (Haldi) मस्तिष्क में प्लाक के गठन को हटाने और ऑक्सीजन के प्रवा (Semolina)ह को सुधारने में सहायता करते हुए समग्र मस्तिष्क सेहत (Health) का समर्थन करती है। यह अल्जाइमर रोग की गति को धीमा कर सकती है या फिर उस पर रोक भी लगा सकती है। हल्दी के चमत्कारी फायदे और नुकसान (Haldi ke Chamatkari Fayde aur Nuksan)

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j. हल्दी खाने के फायदे हैं बेहतर पाचन के लिए (Turmeric Powder for Digestion in Hindi)

हल्दी (Haldi) में कई प्रमुख घटक पित्त (Bile) का उत्पादन करने के लिए पित्ताशय (Gall bladder) को उत्तेजित (Excited) करते हैं, जिससे पाचन में सुधार होता है और ब्लोटिंग और गैस के लक्षणों को कम करता है। इसके अलावा हल्दी (Haldi) अल्सरेटिव बृहदांत्रशोथ (Ulcerative colitis) सहित आंतों के अधिकांश रोगों के ट्रीटमेंट ( Treatment) के लिए उपयोगी है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी प्रकार की पित्ताशय (Gall bladder) की बीमारी से दुःखित (Victim) लोगों को हल्दी (Haldi) को आहार पूरक के रूप में नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह स्थिति को खराब कर सकती है। पाचन समस्या से दुःखित (Victim) होने पर कच्चे रूप में हल्दी (Haldi) का उपयोग ( Intake) करना सर्वोत्तम माना जाता है। हल्दी के चमत्कारी फायदे और नुकसान (Haldi ke Chamatkari Fayde aur Nuksan)

2. हल्दी खाना का सही तरीका (Haldi khane ka sahi tarika)

  • 1 कप दूध को 1 चम्मच (Spoon) हल्दी (Haldi) पाउडर (Turmeric powder) और 1 चम्मच (Spoon) अदरक (Ginger) पाउडर के साथ उबालें और इसका उपयोग ( Intake) करें। हल्दी के चमत्कारी फायदे और नुकसान (Haldi ke Chamatkari Fayde aur Nuksan)
  • अपने सूप में 1 चम्मच (Spoon) के पाउडर को मिलाएं और इसका आनंद लें।
  • 2 कप पानी में 2 चम्मच (Spoon) हल्दी (Haldi) पाउडर (Turmeric powder), शहद की 1 बड़ी चम्मच (Spoon), नींबू का रस और काली मिर्च (Black Pepper) मिलाएं और इस मिश्रण को अच्छे से उबालें। यह पेय काफी टेस्टी (Delicious) और शरीर (Body) के लिए भी फायदेमंद होता है।
  • किसी भी तरह की सब्जी में हल्दी (Haldi) का उपयोग सब्जी को और भी अधिक टेस्टी (Delicious) बना देता है।

3. हल्दी की तासीर (Haldi ki Taseer)

हल्दी (Haldi) की तासीर गर्म होती है। हल्दी (Haldi) का उपयोग हर घर में सब्जी बनाने में एक जरूरी (Important) मसाले के तौर पर किया जाता है। पर ध्यान रखें की इसका अधिक उपयोग भी शरीर (Body) के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

4. हल्दी के फायदे त्वचा के लिए (Haldi for Skin in Hindi)

हल्दी (Haldi) में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मुँहासों के ट्रीटमेंट ( Treatment) में सहायता कर सकते हैं। और इसके सूजन (Swelling) कम करने वाले गुण मुहांसों से हुई सूजन (Swelling) का भी इलाज करते हैं। हल्दी (Haldi) तैलीय त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होती है।

आप इसके लिए हल्दी (Haldi) का दूध भी पी सकते हैं। हल्दी (Haldi) और दूध में त्वचा के रोगों से लड़ने के गुण होते हैं जो मुंहासों के इलाज में मदद कर सकते हैं। 1 चम्मच (Spoon) हल्दी (Haldi), 3 चम्मच (Spoon) दूध , 2 चम्मच (Spoon) आटा और शहद की कुछ बूंदें एक साथ मिलाकर और इसका पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगाएं। इसे 20 मिनट तक सूखने दें। फिर स्नान के बाद अपने पसंदीदा मॉइस्चराइज़र को त्वचा पर लगाएं।

5. हल्दी की अन्य फायदे (Other benefits of Haldi in Hindi)

  • पाचन समस्या से दुःखित (Victim) लोगों के लिए कच्ची हल्दी (Haldi) का उपयोग ( Intake) फायदेमंद रहता है। यह सूजन (Swelling) और पेट (Stomach) में गैस के लक्षणों को कम करने के लिए भी जाना जाती है।
  • हल्दी (Haldi) पाउडर (Turmeric powder) में करक्यूमिन की उपस्थिति के कारण रक्त (Blood) पतला करने के भी गुण होते हैं जिसकी वजह से यह रक्त (Blood) को एक जगह जमने से रोकती है।
  • अध्ययनों से पता चला है कि कर्क्यूमिन का असर प्रोजाक के प्रभाव के समान ही होता है जो  अवसाद, मनोदशा, चिंता और (Tension) जैसी समस्याओं का इलाज करने में मदद करता है।
  • हल्दी (Haldi) में मौजूद कर्क्यूमिन, एंटीऑक्सिडेंट्स से भरा हुआ है, जो मुक्त कणों के उन्नति (Development) को रोककर झुर्रियां और पिग्मेंटेशन जैसे उम्र बढ़ने के इशारा (Hint)ों को रोकता है।
  • यदि आप मासिक धर्म की असुविधा, सूजन (Swelling), अत्यधिक रक्तस्राव, या मूड स्विंग से पीड़ित हैं, तो हल्दी (Haldi) का उपयोग ( Intake) आपको सुखदायक परिणाम दे सकता है।
  • कुछ अध्ययनों के अनुसार, हल्दी (Haldi) बालों के झड़ने को रोकने में मदद भी मदद कर सकती है।

6. हल्दी के नुकसान (Haldi ke Nuksan in Hindi)

हालांकि हल्दी (Haldi) कई सेहत (Health) लाभ (Benefit) प्रदान करती है, लेकिन हल्दी (Haldi) की अधिक खुराक या लंबे समय तक उपयोग कुछ प्रकार के दुष्प्रभावों का कारण बन सकता है, तो चलिए जानते हैं हल्दी (Haldi) के साइड इफेक्ट के बारे में जो निम्न हैं –

  • तीखा (Spicy) प्रकृति के कारण, हल्दी (Haldi) का लंबे समय तक उपयोग ( Intake) आपके पेट (Stomach) को खराब कर सकता है।
  • हल्दी (Haldi) को गर्भाशय (Womb) उत्तेजक के रूप में भी जाना जाता है, जो मासिक धर्म के प्रवा (Semolina)ह को प्रोत्साहित कर सकता है। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को अपने शिशुओं को किसी भी तरह की हानि से बचाने के लिए हल्दी (Haldi) का वर्जन करना चाहिए या फिर इसके उपयोग ( Intake) को सीमित (Limited) रखना चाहिए।
  • चूंकि हल्दी (Haldi) खून (Blood) के थक्के (ब्लड-क्लॉट) को धीमा करने के लिए जानी जाती है, इससे रक्तस्राव हो सकता है। यदि आप एंटीकोआगुलेंट और एंटीप्लेटलेट (Anticoagulants and antiplatelets) दवाएं ले रहे हैं तो हल्दी (Haldi) का उपयोग ( Intake) आपके सेहत (Health) पर नकरात्मक प्रभाव डाल सकता है।
  • एक अध्ययन से पता चला है कि हल्दी (Haldi) से कीमोथेरेपी (Chemotherapy) पर प्रभाव हो सकता है, इसलिए कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट (Chemotherapy  Treatment) के दौरान हल्दी (Haldi) के उपयोग से बचना चाहिए।
  • एक अध्ययन से पता चला है कि जो लोग हल्दी (Haldi) की ज्यादा खुराक लेते हैं, उनमें दस्त (Loose motion) और मतली और उलटी होने की संभावना बढ़ जाती है। तो दस्त (Loose motion) से बचने के लिए हल्दी (Haldi) की खुराक को कम करें और यदि आप दस्त (Loose motion) या मतली से पीड़ित हैं तो इसके उपयोग ( Intake) का वर्जन करें। हल्दी के चमत्कारी फायदे और नुकसान (Haldi ke Chamatkari Fayde aur Nuksan)
  • हल्दी (Haldi) का प्रयोग पित्त (Bile) या पित्त (Bile) रुकावट से पीड़ित लोगों द्वारा नहीं किया जाना चाहिए। हल्दी के चमत्कारी फायदे और नुकसान (Haldi ke Chamatkari Fayde aur Nuksan)

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